दुर्ग। गोवर्धन मठ पुरी के पीठाधीश्वर जगतगुरु शंकराचार्य स्वामी निश्चलानंद सरस्वती बुधवार को दुर्ग पहुंचे। दुर्ग रेलवे स्टेशन पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं और समर्थकों ने पारंपरिक ढंग से उनका स्वागत किया। स्वामी निश्चलानंद सरस्वती भारत को हिंदू राष्ट्र बनाने के अभियान के तीसरे चरण के तहत दुर्ग प्रवास पर आए हैं, जहां वे श्रद्धालुओं से संवाद करेंगे और आध्यात्मिक प्रवचन देंगे। दुर्ग आगमन के दौरान मीडिया से चर्चा करते हुए जगतगुरु शंकराचार्य ने उत्तर प्रदेश में शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती से जुड़े विवाद पर भी अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने स्पष्ट किया कि स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद को स्नान के लिए नहीं रोका गया था, बल्कि अत्यधिक तामझाम, भीड़ और अव्यवस्था के कारण प्रशासन ने उन्हें आगे बढ़ने से रोका। उन्होंने कहा कि इस पूरे घटनाक्रम को गलत तरीके से प्रस्तुत किया गया है, जिससे भ्रम की स्थिति बनी।
प्रयागराज माघ मेले का मामला–
गौरतलब है कि प्रयागराज में चल रहे माघ मेले के दौरान 18 जनवरी को मौनी अमावस्या के पावन स्नान के दिन शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद को पुलिस अधिकारियों ने रथ के साथ जाने से रोक दिया था। इस दौरान पुलिस और संतों के बीच बहस हुई थी और कुछ वीडियो भी सामने आए थे। इसके बाद स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने आरोप लगाया था कि उन्हें संगम स्नान से रोका गया। 28 जनवरी को उन्होंने माघ मेले में स्नान न करने और दुखी मन से लौटने की घोषणा की थी।
अंडा गांव में होगा आयोजन–
जगतगुरु शंकराचार्य स्वामी निश्चलानंद सरस्वती ने कहा कि हिंदू राष्ट्र का विचार किसी के विरोध में नहीं है, बल्कि भारत की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक पहचान को सशक्त करने का प्रयास है। उन्होंने कहा कि सनातन धर्म विश्व को शांति, सह-अस्तित्व और नैतिक मूल्यों का मार्ग दिखाता है।