जामगांव-आर। दक्षिण पाटन का जामगाँव आर नगर 13 मार्च 2026 को पूरी तरह राममय हो गया, जब भगवान श्रीराम, माता जानकी, लक्ष्मण और हनुमान जी सहित पूरे राम दरबार के विग्रह भव्य शोभायात्रा के साथ गांव पहुंचे। गांव के किसान चौक से लेकर नव निर्मित भव्य श्रीराम मंदिर तक श्रद्धालुओं ने जय श्रीराम के जयघोष, आतिशबाजी और बस्तर के पारंपरिक नृत्य “बाटर नाचा” के साथ भगवान का भव्य स्वागत किया। भगवान श्रीरामचंद्र जी के विग्रह को अरिहंत नगर स्थित सरोना के मंदिर परिसर से मंदिर के मुख्य निर्माणकर्ता संदीप चंद्राकर के निवास से शोभायात्रा के रूप में रवाना किया गया था। यह शोभायात्रा विभिन्न मार्गों से होते हुए शाम को जामगांव-आर पहुंची, जहां ग्रामवासियों ने भगवान का ऐतिहासिक स्वागत किया।
बताया गया कि भगवान श्रीराम के वनवास काल का सबसे अधिक समय प्राचीन दंडकारण्य क्षेत्र में बीता था। आज के छत्तीसगढ़, उड़ीसा महाराष्ट्र, आँध्रप्रदेश और तेलंगाना का बड़ा हिस्सा उस समय दंडकारण्य का भाग था। इसी ऐतिहासिक संदर्भ को ध्यान में रखते हुए भगवान श्रीराम के विग्रह मयूरगंज उड़ीसा में विशेष मोंगानी पत्थर से तैयार कराए गए हैं। मंदिर के मुख्य निर्माणकर्ता संदीप चंद्राकर ने बताया कि भगवान श्रीराम, पूरे राम दरबार और नवग्रह के विग्रह लगभग 1000 किलोमीटर की लंबी यात्रा तय कर जामगांव-आर पहुंचे हैं, जो पूरे क्षेत्र के लिए गौरव और उत्सव का विषय है। उन्होंने बताया कि श्रीराम मंदिर में भव्य प्राण प्रतिष्ठा समारोह 26 और 27 मार्च 2026 को आयोजित किया जाएगा। भगवान के स्वागत में दंडकारण्य की सांस्कृतिक परंपरा को जीवित रखते हुए बस्तर के पारंपरिक नृत्य “बाटर नाचा” से प्रभु का अभिनंदन किया गया।
जामगांव-आर के चौक से श्रीराम मंदिर तक निकली भव्य शोभायात्रा में श्रद्धालुओं ने फूल वर्षा और जयघोष के साथ प्रभु का स्वागत किया। पूरे गांव में भक्ति और उत्सव का अद्भुत माहौल देखने को मिला। इस भव्य आयोजन में ग्राम सरपंच रूपेंद्र शुक्ला, आरएसएस के पूर्व प्रचारक प्रचारक हलधर महमल्ला, कारसेवक जिलोकन चंद्राकर, सामाजिक कार्यकर्त्ता मनीष चंद्राकर, कामता प्रसाद साहू,आसकरण जैन, किशोर साहू,सुरेश जैन,नरोत्तम भोला साहू,ऋषि चंद्राकर, भोला साहू, राधेश्याम राठी, नारद साहू, अनिल देवांगन, तीरथ चंद्राकर, मोहन चंद्राकर, कुंजी चंद्राकर सहित सैकड़ों ग्रामीण उपस्थित रहे।