जामगांव आर। शहीद डोमेश्वर साहू शासकीय महाविद्यालय, जामगांव आर में विश्व तंबाकू निषेध दिवस 2025 के अवसर पर एक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस वर्ष विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की थीम — “तंबाकू और निकोटीन उद्योग की सच्चाई सामने लाने की जागरूकता” — को केन्द्र में रखते हुए राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) इकाई द्वारा विविध गतिविधियाँ संपन्न कराई गईं।
कार्यक्रम की शुरुआत विद्यार्थियों द्वारा तैयार किए गए पोस्टर, निबंध और स्लोगन प्रदर्शन के साथ हुई। इन रचनात्मक माध्यमों से छात्रों ने तंबाकू के दुष्परिणामों और इसके पीछे छिपे व्यावसायिक हितों की ओर ध्यान आकर्षित किया।
महाविद्यालय की प्राचार्या डॉ. शिखा अग्रवाल ने उपस्थित विद्यार्थियों और स्टाफ सदस्यों को तंबाकू सेवन से दूर रहने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि तंबाकू न केवल स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है, बल्कि यह युवाओं के भविष्य को भी खतरे में डालता है। उन्होंने महाविद्यालय परिसर को तंबाकू-मुक्त बनाने की दिशा में शिकायत और सूचना तंत्र की भी घोषणा की।
कार्यक्रम में एजुकेशन विशेषज्ञ श्रीमती शालिनी पांडे ने तंबाकू के शारीरिक और मानसिक प्रभावों की जानकारी दी। राष्ट्रीय सेवा योजना की प्रभारी श्रीमती चेतना सोनी ने WHO की थीम के अनुसार तंबाकू और निकोटीन उत्पादों के निर्माण में लगे उद्योगों का बहिष्कार करने की अपील की। उन्होंने बताया कि ये कंपनियाँ विशेष रूप से युवाओं को लक्ष्य बनाकर अपने उत्पाद बेचती हैं।
रेड क्रॉस प्रभारी डॉ. संतोष पांडे ने विद्यार्थियों को गुटखा, पाउच, सिगरेट जैसे पदार्थों के दुष्परिणामों से अवगत कराते हुए इन्हें छोड़ने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम में सभी अधिकारी, कर्मचारी, शिक्षकगण तथा एनएसएस के स्वयंसेवक विद्यार्थी सक्रिय रूप से शामिल रहे। इस अवसर पर महाविद्यालय ने तंबाकू के विरुद्ध एकजुट होकर सामाजिक जागरूकता फैलाने का संकल्प लिया।