कोरोना काल की पहल बनी जनआंदोलन, ”मानस मंथन 6.0′ बना आध्यात्मिक सुपरहिट ! 33 जिलों की 110 मंडलियां सहित अनेक संत जुट रहे, रोजाना ऑनलाइन गूंज रहा रामचरितमानस का अमृत स्वर…

कोरोना काल की पहल बनी जनआंदोलन, ”मानस मंथन 6.0′ बना आध्यात्मिक सुपरहिट ! 33 जिलों की 110 मंडलियां सहित अनेक संत जुट रहे, रोजाना ऑनलाइन गूंज रहा रामचरितमानस का अमृत स्वर…

घर-घर पहुंच रही रामकथा की गूंज, ‘मानस ब्रह्म गर्भ’ थीम पर हो रहा राज्यस्तरीय मानस मंथन
पाटन । छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक परंपरा को डिजिटल माध्यम से जन-जन तक पहुंचाने वाले मंच मानस दर्शन जीवन अर्पण छत्तीसगढ़ द्वारा आयोजित “मानस ब्रह्म गर्भ – मानस मंथन 6.0” राज्य स्तरीय ऑनलाइन मानस गान प्रतियोगिता का भव्य आयोजन जारी है। वर्ष 2021 से लगातार आयोजित हो रहे इस अभिनव कार्यक्रम का यह छठवां संस्करण है, जिसमें प्रदेश के सभी 33 जिलों की 110 से अधिक सुप्रसिद्ध मानस मंडलियां हिस्सा ले रही हैं। गौरतलब है कि ग्राम मरौद, जिला धमतरी निवासी एवं मानस दर्शन जीवन अर्पण के संस्थापक, परिकल्पनाकर्ता दीपक गुहा ‘मानस जिज्ञासु’ (भारत गौरव) के मार्गदर्शन में 5 मई 2026 से प्रतियोगिता का शुभारंभ किया गया। प्रथम चरण 5 मई से 25 मई तक आयोजित हुआ, जिसमें लगभग 108 मंडलियों ने सहभागिता की। इनमें से चयनित 25 मंडलियां अब 27 मई से 2 जून तक चल रहे द्वितीय चरण में अपनी प्रस्तुति दे रही हैं।

इस वर्ष प्रतियोगिता की थीम “मानस ब्रह्म गर्भ” रखी गई है। इसका उद्देश्य रामचरितमानस के गर्भ में निहित ब्रह्म के चिदानंद स्वरूप का दर्शन कराते हुए जनमानस को आध्यात्मिक चेतना से जोड़ना है। आयोजन में केंद्रीय संयोजक मंडल, मातृ संयोजक मंडल, युवा प्रकल्प, बालिका प्रकल्प, जिला संयोजक एवं आशीर्वाद मंडल की सक्रिय भूमिका है।

आयोजन से जुड़े पुनेश्वर साहू ने बताया कि कोरोना काल से ही मानस दर्शन जीवन अर्पण ऑनलाइन रामकथा, मानस गान और आध्यात्मिक विमर्श के माध्यम से समाज को जोड़ने का कार्य कर रहा है। आज यह मंच न केवल छत्तीसगढ़ बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर ऑनलाइन रामकथा और मानस संस्कृति के प्रचार-प्रसार का एक सशक्त माध्यम बन चुका है। कार्यक्रम के द्वितीय चरण का शुभारंभ राष्ट्रीय संतों एवं हनुमान चालीसा के प्रख्यात साधकों की गरिमामयी उपस्थिति में हुआ। प्रदेशभर के मानस संघों, मानस मंडलियों, संत-महात्माओं एवं धर्मप्रेमियों ने इस अनूठी पहल की मुक्तकंठ से सराहना की है।

उल्लेखनीय है कि मानस दर्शन जीवन अर्पण द्वारा वर्ष 2021 से लगातार वार्षिक अधिवेशन, संत समागम, अलंकरण एवं सम्मान समारोह का सफल आयोजन किया जाता रहा है। संस्था का उद्देश्य केवल रामकथा का प्रसार नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, आध्यात्मिक मूल्यों और सामाजिक समरसता को नई पीढ़ी तक पहुंचाना भी है। बताया गया कि वर्ष 2021 भीमभौरी बेमेतरा में दंडी स्वामी सलधा,2022रकसे कवर्धा में निर्मल प्रसाद शुक्ल वासिंग महाराष्ट्र,2023 पीपरभट्टा जिला बेमेतरा मे रामायणम ट्रस्ट अयोध्या से दीदी माँ मन्दाकिनी रामकिंकर,दंडी स्वामी श्री मज्ज ज्योतिमयानंद सरस्वती सलधा धाम,श्री मदन चौहान अंतर्राष्ट्रीय भजन गायक 2024 केशकाल बोरगाँव में श्री सियाराम शरण महाराज, गोला घाट अयोध्या धाम उप्र,2025 मरौद में दीदी मा मन्दाकिनी राम किंकर एवं दीदी भक्ति प्रभा वृंदावन शामिल हो चुकी है आयोजकों ने श्रद्धालुओं और रामभक्तों से प्रतिदिन दोपहर 1 बजे ऑनलाइन जुड़कर मानस मंथन का लाभ लेने की अपील की है।

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