YC न्यूज़ डेस्क । केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जेपी नड्डा ने शनिवार को हिमाचल प्रदेश के सोलन जिले स्थित केंद्रीय अनुसंधान संस्थान (CRI) कसौली में टीटनेस और एडल्ट डिफ्थीरिया (Td) वैक्सीन का शुभारंभ किया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि यह स्वदेशी वैक्सीन सीआरआई के वैज्ञानिकों और विशेषज्ञों के प्रयासों से तैयार की गई है, जो देश की वैक्सीन निर्माण क्षमता को और सशक्त बनाती है। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि भारत दवाओं और वैक्सीन निर्माण के क्षेत्र में विश्व स्तर पर अग्रणी देश के रूप में स्थापित हो चुका है। इसमें सीआरआई कसौली की 120 वर्षों की गौरवशाली विरासत का बड़ा योगदान है। उन्होंने बताया कि नई Td वैक्सीन अब Universal Immunization Programme (UIP) के तहत उपलब्ध कराई जाएगी।
किशोरों, वयस्कों और गर्भवती महिलाओं को मिलेगा लाभ
नई Td वैक्सीन किशोरों, वयस्कों और गर्भवती महिलाओं को टीटनेस और डिफ्थीरिया से सुरक्षा प्रदान करेगी। यह वैक्सीन पारंपरिक टीटनेस टॉक्सॉइड (TT) वैक्सीन की जगह लेने के लिए डिजाइन की गई है, ताकि टीटनेस के साथ-साथ डिफ्थीरिया के खिलाफ भी प्रभावी सुरक्षा सुनिश्चित हो सके। दावा किया गया है कि लॉन्च के बाद अप्रैल 2026 तक 55 लाख खुराकें UIP को उपलब्ध कराई जाएंगी और भविष्य में आपूर्ति को और बढ़ाया जाएगा।
टीटनेस क्या है?
टीटनेस एक गंभीर बैक्टीरियल संक्रमण है, जो क्लॉस्ट्रिडियम टेटानी नामक बैक्टीरिया से होता है। यह बैक्टीरिया मिट्टी, धूल और जानवरों की गंदगी में पाया जाता है। घाव या कट के माध्यम से शरीर में प्रवेश करने पर यह तंत्रिका तंत्र को प्रभावित करने वाला टॉक्सिन छोड़ता है। इसके लक्षणों में मांसपेशियों में जकड़न, जबड़े और गर्दन में दर्द, निगलने व बोलने में कठिनाई, तेज बुखार और पसीना शामिल हैं। गंभीर मामलों में सांस लेने में दिक्कत और मृत्यु तक हो सकती है।
डिफ्थीरिया क्या है?
डिफ्थीरिया कोराइनेबैक्टीरियम डिफ्थीरिए नामक बैक्टीरिया से होने वाला संक्रमण है, जो गले, सांस की नली और त्वचा को प्रभावित करता है। यह बैक्टीरिया जहरीला टॉक्सिन उत्पन्न करता है, जो हृदय, तंत्रिका तंत्र और किडनी पर भी असर डाल सकता है। इसके लक्षणों में गले में सफेद या ग्रे झिल्ली बनना, गले में सूजन और दर्द, सांस लेने व निगलने में कठिनाई, तेज बुखार और कमजोरी शामिल हैं। गंभीर स्थिति में यह जानलेवा भी साबित हो सकता है।
कार्यक्रम में ये रहे मौजूद
इस अवसर पर शिमला के सांसद सुरेश कश्यप, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी, राज्य स्वास्थ्य विभाग के प्रतिनिधि, सार्वजनिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ और अन्य हितधारक उपस्थित रहे। भारत सरकार द्वारा जारी कार्यक्रम के अनुसार मंत्री सुबह 11:30 बजे सीआरआई कसौली पहुंचे और वैक्सीन लॉन्च कार्यक्रम में हिस्सा लिया। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि यह पहल देश को टीटनेस और डिफ्थीरिया जैसी गंभीर बीमारियों से सुरक्षित बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।