रायपुर। राजधानी रायपुर में खारुन नदी तट को पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने और शहर की ट्रैफिक व्यवस्था सुधारने के लिए दो बड़े प्रोजेक्ट को मंजूरी मिल गई है। राज्य शासन ने खारुन रिवर फ्रंट के निर्माण और सौंदर्यीकरण के लिए 84.15 करोड़ रुपए तथा फुंडहर चौक पर फ्लाईओवर निर्माण के लिए 56 करोड़ रुपए स्वीकृत किए हैं। अधिकारियों के अनुसार महादेव घाट क्षेत्र में खारुन रिवर फ्रंट के निर्माण का काम लोक निर्माण विभाग (PWD) द्वारा कराया जाएगा। शासन से बजट स्वीकृत हो चुका है और अगले एक माह के भीतर टेंडर प्रक्रिया शुरू किए जाने की तैयारी है। परियोजना के तहत महादेव घाट मंदिर क्षेत्र में सड़क चौड़ीकरण, पाथवे, मुख्य द्वार, मूर्तियां, आकर्षक फसाड, पार्किंग, सार्वजनिक शौचालय और शू-स्टैंड जैसी सुविधाएं विकसित की जाएंगी। इसके अलावा नदी तट के आसपास सौंदर्यीकरण और पर्यटक सुविधाओं का भी विस्तार किया जाएगा।
फुंडहर फ्लाईओवर से जाम से राहत
फुंडहर चौक पर बनने वाला फ्लाईओवर रेलवे स्टेशन से माना एयरपोर्ट तक करीब 12 किलोमीटर लंबे एक्सप्रेस-वे का हिस्सा होगा। इस फ्लाईओवर के बनने से एयरपोर्ट आने-जाने वाले यात्रियों को जाम से राहत मिलेगी। खासकर विमान के आगमन और प्रस्थान के समय फुंडहर चौक पर बढ़ने वाले ट्रैफिक दबाव को कम करने में मदद मिलेगी। अधिकारियों के मुताबिक इस मार्ग पर यात्रियों का औसतन 10 मिनट तक समय बच सकेगा।
नदी तट विकास की बड़ी योजना
खारुन नदी के तट को विकसित करने की योजना पहले आमदी से बेंद्री तक लगभग 45 किलोमीटर क्षेत्र में बनाई गई थी। तीन चरणों में प्रस्तावित इस परियोजना में महादेव घाट से कुम्हारी तक करीब 18 किलोमीटर सड़क, वॉकिंग ट्रैक, छोटे गार्डन और ओपन थिएटर जैसी सुविधाएं विकसित करने का प्रस्ताव था। इस योजना का उद्देश्य रायपुर से कुम्हारी की दूरी को 45 मिनट से घटाकर 10-15 मिनट करना भी था।
नया पर्यटन स्थल बनेगा
रायपुर पश्चिम के विधायक और पूर्व मंत्री राजेश मुनत ने कहा कि खारुन रिवर फ्रंट बनने से रायपुर को एक नया पर्यटन स्थल मिलेगा। नदी किनारे विकसित होने वाला यह क्षेत्र स्थानीय नागरिकों के साथ-साथ बाहर से आने वाले पर्यटकों के लिए भी आकर्षण का केंद्र बन सकता है। उन्होंने कहा कि यह स्थान भविष्य में शहर के प्रमुख घूमने और पिकनिक स्पॉट के रूप में विकसित हो सकता है।
पहले 550 करोड़ की थी योजना
गौरतलब है कि खारुन नदी को साबरमती रिवरफ्रंट की तर्ज पर विकसित करने की करीब 550 करोड़ रुपए की योजना बनाई गई थी। हालांकि अंतिम मंजूरी नहीं मिलने के कारण वह योजना लागू नहीं हो सकी। फिलहाल पहले चरण में महादेव घाट क्षेत्र के विकास के लिए 84 करोड़ रुपए की स्वीकृति दी गई है।