“काफिला छोड़ बस में बैठे शिक्षा मंत्री : जनता के बीच पहुंचकर सुनी जमीनी हकीकत,गजेंद्र यादव ने लिया शिक्षा व्यवस्था का फीडबैक

बेमेतरा/दुर्ग। राजनीति में जहां आमतौर पर वीआईपी संस्कृति और लंबे काफिलों का चलन देखने को मिलता है, वहीं छत्तीसगढ़ के शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने सादगी और जनसंपर्क की अनूठी मिसाल पेश की। उन्होंने अपने सरकारी काफिले को छोड़कर एक सामान्य यात्री बस में सफर करते हुए सीधे आम लोगों के बीच पहुंचकर उनकी समस्याएं सुनीं।
जानकारी के अनुसार, मंत्री यादव पथरिया में एक पारिवारिक कार्यक्रम में शामिल होने के बाद बेमेतरा से दुर्ग लौट रहे थे। इसी दौरान उन्होंने अनमोल ट्रेवल्स की एक सामान्य बस में यात्रा करने का निर्णय लिया। बस में सवार होकर वे आम यात्रियों के बीच बैठे और पूरे रास्ते उनसे आत्मीय संवाद करते रहे।

यात्रा के दौरान मंत्री ने ग्रामीणों और शिक्षकों से खुलकर चर्चा की। उन्होंने स्कूलों की स्थिति, संसाधनों की कमी, शिक्षकों की समस्याएं और शिक्षा व्यवस्था में सुधार को लेकर सुझावों को गंभीरता से सुना। कई शिक्षकों ने जमीनी स्तर की परेशानियां साझा कीं, जिस पर मंत्री ने समाधान का भरोसा दिलाया।
बस में मौजूद यात्रियों के लिए यह अनुभव बेहद खास रहा। आमतौर पर नेताओं से दूरी महसूस करने वाले लोग मंत्री को अपने बीच पाकर आश्चर्यचकित भी हुए और उत्साहित भी। मंत्री ने बिना किसी औपचारिकता के सभी से बातचीत कर उनकी समस्याओं को समझने का प्रयास किया। इस दौरान गजेंद्र यादव ने कहा कि जमीनी हकीकत को समझने के लिए जनता के बीच जाना आवश्यक है। उन्होंने माना कि जब तक लोगों के बीच बैठकर उनकी बात नहीं सुनी जाएगी, तब तक प्रभावी निर्णय लेना संभव नहीं है। साथ ही उन्होंने शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए शिक्षकों और ग्रामीणों की भागीदारी को महत्वपूर्ण बताया।

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