रायपुर, 2 अप्रैल 2026। बहुचर्चित शराब घोटाले मामले में एक बड़ा कानूनी घटनाक्रम सामने आया है, जिसने जांच और न्यायिक प्रक्रिया को नए मोड़ पर ला खड़ा किया है। इस मामले में अब 59 नए आरोपियों को शामिल किया गया है, जिनकी कोर्ट में पेशी भी हो चुकी है। इसके साथ ही कुल आरोपियों की संख्या बढ़कर 82 हो गई है।
बचाव पक्ष के वरिष्ठ वकील फैसल रिजवी ने इस पूरे घटनाक्रम पर सवाल उठाते हुए बताया कि जांच एजेंसी द्वारा दायर फाइनल परिवाद (फाइनल रिपोर्ट) में इन 59 नए लोगों को आरोपी बनाया गया है। उन्होंने हैरानी जताते हुए कहा कि जांच के दौरान इन व्यक्तियों को कभी गिरफ्तार नहीं किया गया, जबकि अब सीधे अभियुक्त के रूप में शामिल कर लिया गया है।
⚖️ बिना गिरफ्तारी चार्जशीट पर विवाद
फैसल रिजवी के अनुसार, इस मामले में पहले भी बिना गिरफ्तारी के चार्जशीट पेश की जा चुकी है, जो कानूनी प्रक्रिया पर सवाल खड़े करती है। उन्होंने बताया कि आरोपियों की ओर से कोर्ट में दंड प्रक्रिया संहिता (CrPC) की धारा 88 के तहत आवेदन प्रस्तुत किया गया है, जिसमें व्यक्तिगत उपस्थिति से छूट सहित अन्य राहत की मांग की गई है।
🏭 डिस्टिलरी और अधिकारी भी घेरे में
इस मामले की गंभीरता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि आरोपियों में कई डिस्टिलरी कंपनियों के प्रतिनिधि और करीब 30 आबकारी विभाग के अधिकारी भी शामिल हैं। इससे संकेत मिलते हैं कि घोटाले का दायरा काफी व्यापक है और इसकी पहुंच सरकारी तंत्र के भीतर तक रही है।
कुल मिलाकर, यह घटनाक्रम न सिर्फ जांच एजेंसियों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर रहा है, बल्कि आने वाले दिनों में इस केस में और बड़े खुलासों की संभावना भी बढ़ा रहा है।