कवर्धा के कई गांव में लॉकडाउन जैसा माहौल, बाघ के डर से घरों में कैद हुए ग्रामीण, बाघ ने मवेशी का किया शिकार; ट्रैप कैमरे में कैद हुई तस्वीर

कवर्धा के कई गांव में लॉकडाउन जैसा माहौल, बाघ के डर से घरों में कैद हुए ग्रामीण, बाघ ने मवेशी का किया शिकार; ट्रैप कैमरे में कैद हुई तस्वीर


कान्हा नेशनल पार्क से जुड़े वन्यजीव कॉरिडोर में बाघ की मौजूदगी से ग्रामीणों में दहशत

कवर्धा। चिल्फी वन क्षेत्र से लगे बरेंडीपानी इलाके में बाघ की मौजूदगी से ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। बाघ ने क्षेत्र में एक गाय का शिकार किया है। राहत की बात यह है कि बाघ की गतिविधि और मवेशी के शिकार की घटना वन विभाग द्वारा लगाए गए ट्रैप कैमरे में कैद हो गई है। कैमरे में बाघ की तस्वीर सामने आने के बाद वन विभाग ने पूरे इलाके में निगरानी बढ़ा दी है और अमला अलर्ट मोड पर है। वन विभाग के अनुसार, बरेंडीपानी क्षेत्र में बाघ के होने की सूचना मिलने के बाद लगाए गए ट्रैप कैमरों से उसकी मौजूदगी की पुष्टि हुई। बाघ द्वारा मवेशी का शिकार किए जाने के बाद आसपास के गांवों में विशेष सतर्कता बरती जा रही है। वन विभाग की टीम लगातार क्षेत्र में गश्त कर रही है और बाघ के मूवमेंट पर नजर रखी जा रही है। ग्रामीणों की सुरक्षा को देखते हुए सीमावर्ती गांवों में मुनादी कराकर लोगों को सावधान रहने की हिदायत दी गई है। ग्रामीणों से जंगल की ओर अकेले नहीं जाने तथा रात के समय अनावश्यक रूप से घरों से बाहर निकलने से बचने की अपील की गई है।

कान्हा से जुड़ा है वन्यजीव कॉरिडोर

चिल्फी का वन क्षेत्र मध्य प्रदेश के कान्हा राष्ट्रीय उद्यान की सीमा से सटा हुआ है। इस वन्यजीव कॉरिडोर के कारण इस इलाके में बाघ सहित अन्य वन्यजीवों की आवाजाही बनी रहती है। ऐसे में वन विभाग बाघ की वर्तमान लोकेशन और उसके संभावित मूवमेंट रूट पर विशेष नजर रख रहा है।

24 घंटे निगरानी, बढ़ाए जा रहे कैमरा ट्रैप

कवर्धा डीएफओ निखिल अग्रवाल ने बाघ द्वारा मवेशी के शिकार की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि बरेंडीपानी क्षेत्र में बाघ की गतिविधि ट्रैप कैमरे में रिकॉर्ड हुई है। बाघ की गतिविधियों पर 24 घंटे निगरानी रखने के लिए क्षेत्र में अतिरिक्त कैमरा ट्रैप लगाए जा रहे हैं। साथ ही वन विभाग की विशेष टीम लगातार गश्त कर रही है, ताकि बाघ की गतिविधियों पर नजर रखने के साथ ग्रामीणों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। वन विभाग ने ग्रामीणों से अपील की है कि बाघ की मौजूदगी को देखते हुए सावधानी बरतें, अफवाहों पर ध्यान न दें और किसी भी वन्यजीव की गतिविधि दिखाई देने पर तत्काल वन विभाग को सूचना दें।

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