रायपुर | 20 अक्टूबर 2025छत्तीसगढ़ सरकार राज्योत्सव से पहले एक बड़े प्रशासनिक फेरबदल की तैयारी में है। हाल ही में नए मुख्य सचिव की नियुक्ति के बाद मंत्रालय में अफसरों की जिम्मेदारियों का पुनर्वितरण शुरू हो चुका है। अब सरकार कलेक्टर और पुलिस अधीक्षकों (एसपी) के स्तर पर भी बदलाव की योजना बना रही है।
फीडबैक रिपोर्ट पर आधारित होगी सर्जरी
सूत्रों के अनुसार, हाल ही में हुई कलेक्टर कॉन्फ्रेंस में अफसरों के कार्यों की समीक्षा के बाद मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और नए मुख्य सचिव ने फीडबैक तैयार किया है। इसी रिपोर्ट के आधार पर तय किया जाएगा कि किन जिलों के कलेक्टरों और एसपी को बदला जाएगा।
छोटे जिलों में बेहतरीन काम करने वाले कलेक्टरों को अब बड़े जिलों की जिम्मेदारी दी जा सकती है, जबकि तीन साल का कार्यकाल पूरा कर चुके अफसरों का स्थानांतरण तय माना जा रहा है।
कई फैक्टर होंगे निर्णायक
इस फेरबदल में केवल प्रदर्शन ही नहीं, बल्कि अन्य कई कारक भी भूमिका निभाएंगे।।कुछ वरिष्ठ आईएएस अधिकारी केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर जाने की तैयारी में हैं, वहीं कुछ अधिकारी केंद्र से वापस लौट रहे हैं। इन सबकी स्थिति को देखते हुए संभावित ट्रांसफर लिस्ट तैयार करने का काम मंत्रालय स्तर पर शुरू हो चुका है।
“ननकीराम इफेक्ट” की चर्चा
इस बार की लिस्ट में पूर्व गृहमंत्री ननकीराम कंवर का असर भी देखा जा सकता है। हाल ही में उन्होंने कोरबा कलेक्टर के खिलाफ खुला मोर्चा खोल दिया था। बताया जा रहा है कि उनके विरोध के बाद मुख्यमंत्री स्तर पर भी मामले की समीक्षा की गई है।।कंवर को कुछ सप्ताह पहले केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के बस्तर दौरे के दौरान नजरबंद किया गया था, जिसके बाद उन्होंने भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण देव से मुलाकात कर नाराजगी जताई थी।
साय सरकार की नई प्राथमिकताएं
मंत्रालय सूत्रों का कहना है कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय प्रशासन को “परफॉर्मेंस-बेस्ड सिस्टम” की दिशा में आगे बढ़ाना चाहते हैं। कलेक्टर कॉन्फ्रेंस में जिन जिलों के अफसरों के काम की सराहना की गई, उन्हें आगे जिम्मेदारी दी जाएगी। वहीं, जिन जिलों की रिपोर्ट संतोषजनक नहीं रही, वहां जल्द ही बदलाव देखने को मिल सकते हैं।