
रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने आम नागरिकों की समस्याओं के त्वरित समाधान और शासन-प्रशासन की जवाबदेही सुनिश्चित करने के उद्देश्य से सोमवार 9 जून से मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 की शुरुआत कर दी है। इस नई व्यवस्था के जरिए प्रदेशवासी अब राशन नहीं मिलने, सफाई व्यवस्था में लापरवाही, पेंशन बंद होने, पुलिस द्वारा एफआईआर दर्ज नहीं करने, सरकारी अधिकारियों द्वारा रिश्वत मांगने तथा अन्य सरकारी सेवाओं से जुड़ी शिकायतें सीधे मुख्यमंत्री सचिवालय तक पहुंचा सकेंगे। सरकार ने शिकायत दर्ज कराने के लिए ऑनलाइन पोर्टल भी उपलब्ध कराया है, जहां नागरिक आवश्यक दस्तावेजों के साथ अपनी शिकायत दर्ज कर सकते हैं। मोबाइल नंबर और ओटीपी के माध्यम से लॉगिन कर संबंधित विभाग के खिलाफ शिकायत दर्ज होते ही उसके निराकरण की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी।
नई व्यवस्था की खास बात यह है कि शिकायतकर्ता अपने आवेदन की स्थिति भी ऑनलाइन ट्रैक कर सकेंगे। मोबाइल नंबर के जरिए कार्रवाई की जानकारी प्राप्त करने के साथ-साथ फोन पर अपडेट देने का अनुरोध भी किया जा सकेगा। शिकायतों की निगरानी सीधे मुख्यमंत्री सचिवालय द्वारा की जाएगी, जिससे समयबद्ध समाधान और अधिकारियों की जवाबदेही सुनिश्चित हो सके। सरकार ने हेल्पलाइन 1076 को 24 घंटे और सातों दिन संचालित करने का निर्णय लिया है। प्रत्येक शिकायत के निराकरण के लिए निर्धारित समय सीमा तय की जाएगी ताकि लोगों को लंबे समय तक इंतजार न करना पड़े।
दरअसल, इससे पहले नगर निगम की निदान 1100 हेल्पलाइन पर नागरिकों द्वारा बिजली, सड़क, पानी और सफाई जैसी समस्याओं की शिकायतें लगातार की जाती थीं, लेकिन उनके समाधान में अपेक्षित गंभीरता नहीं दिखने से लोगों का भरोसा कम होने लगा था। इसके बाद रायपुर जिला प्रशासन ने अलग कंट्रोल रूम स्थापित कर नए हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए थे। अब राज्य सरकार ने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 शुरू कर प्रदेशभर के नागरिकों को एक केंद्रीकृत शिकायत मंच उपलब्ध कराया है, जिससे शासन तक आम लोगों की समस्याएं सीधे पहुंच सकेंगी। नई हेल्पलाइन से उम्मीद की जा रही है कि सरकारी सेवाओं में पारदर्शिता बढ़ेगी, भ्रष्टाचार पर अंकुश लगेगा और आम नागरिकों को अपनी शिकायतों के त्वरित समाधान की सुविधा मिल सकेगी।