छत्तीसगढ़ कांग्रेस में बड़ा फेरबदल तय : 36 नए जिलाध्यक्षों की एंट्री, सिर्फ 5 को दोबारा मौका; रायपुर में सुबोध-प्रवीण और दुर्ग में राकेश के नाम आगे

छत्तीसगढ़ कांग्रेस में बड़ा फेरबदल तय : 36 नए जिलाध्यक्षों की एंट्री, सिर्फ 5 को दोबारा मौका; रायपुर में सुबोध-प्रवीण और दुर्ग में राकेश के नाम आगे

रायपुर। छत्तीसगढ़ कांग्रेस संगठन में इस बार बड़े पैमाने पर बदलाव की तैयारी अंतिम चरण में है। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के 41 जिलाध्यक्षों में से केवल 5 मौजूदा पदाधिकारियों को दोबारा मौका मिलने की संभावना जताई जा रही है। पार्टी की प्रस्तावित सूची में करीब 36 नए चेहरों की एंट्री लगभग तय मानी जा रही है। कांग्रेस जल्द ही जिलाध्यक्षों की नई लिस्ट जारी कर सकती है। पार्टी सूत्रों की मानें तो यह फेरबदल संगठन को “नया, युवा और अधिक सक्रिय स्वरूप” देने की दिशा में किया जा रहा है।
कमजोर प्रदर्शन वालों की छुट्टी तय
पिछले छह महीनों में कांग्रेस ने 11 जिलाध्यक्ष नियुक्त किए थे। इसके बावजूद कई जिलों में संगठन उम्मीद के अनुसार सक्रियता नहीं दिखा पाया। जिन जिलाध्यक्षों का प्रदर्शन कमजोर रहा, उन्हें हटाने का निर्णय लगभग तय हो चुका है।
रायपुर से जगदलपुर तक सूची लगभग फाइनल
सूत्रों के अनुसार जिला अध्यक्ष पदों के लिए कई नए चेहरों पर सहमति बन चुकी है।
इन नेताओं को मिल सकती है कमान:
रायपुर शहर – सुबोध हरितवाल
रायपुर ग्रामीण – प्रवीण साहू
दुर्ग ग्रामीण – राकेश ठाकुर
अंबिकापुर – बालकृष्ण पाठक
जगदलपुर – सुशील मौर्या
बिलासपुर और धमतरी में भी नए नाम सामने आ रहे हैं।
इन जिलों में कड़ी टक्कर:
गौरेला-पेंड्रा-मरवाही – पंकज तिवारी, मनोज गुप्ता
मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर – अशोक श्रीवास्तव, के. डमरू रेड्डी
दुर्ग शहर – आर.एन. वर्मा, धीरज बाकलीवाल
भिलाई जिला – मुकेश चंद्राकर, साकेत चंद्राकर
दिल्ली बैठक में मुहर
छत्तीसगढ़ कांग्रेस के पुनर्गठन को लेकर 23 अक्टूबर को दिल्ली में अहम बैठक हुई। इसमें एआईसीसी महासचिव के.सी. वेणुगोपाल, प्रदेश प्रभारी सचिन पायलट, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, टी.एस. सिंहदेव, नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत और प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज मौजूद रहे।
बैठक दो चरणों में हुई—
पहले चरण में भूपेश बघेल और सिंहदेव से वन-टू-वन चर्चा हुई। दूसरे चरण में बैज और महंत से रायशुमारी की गई। इन बैठकों के बाद राहुल गांधी की अध्यक्षता में जिलाध्यक्षों पर अंतिम सहमति बन गई है।
परफॉर्मेंस बेस्ड सिस्टम लागू
इस बार कांग्रेस संगठन में ‘परफॉर्मेंस बेस्ड रिव्यू सिस्टम’ लागू किया जा रहा है। इसके तहत जिलाध्यक्षों के काम की हर छह महीने में समीक्षा होगी। संगठन को सक्रिय रखने, सदस्यता अभियान बढ़ाने, बूथ लेवल पर गतिविधियों और आम जनता के संपर्क को प्रमुख पैरामीटर माना जाएगा। बेहतर प्रदर्शन करने वालों को ही आगे मौका मिलेगा।
नई टीम की दिल्ली में ट्रेनिंग
नई नियुक्ति के बाद कांग्रेस की वरिष्ठ टीम जिलाध्यक्षों की ट्रेनिंग दिल्ली में करवाएगी। यहां उन्हें पार्टी की कार्यशैली, संगठनात्मक मॉडल और जनसंपर्क रणनीति की बारीकियां सिखाई जाएंगी। सूत्रों के अनुसार, इस दौरान नए जिलाध्यक्ष राहुल गांधी से भी मुलाकात करेंगे। पूरी प्रक्रिया 10 नवंबर से पहले पूरी होने की संभावना है।

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