
रायपुर। मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में उछाल के बीच छत्तीसगढ़ में पेट्रोल-डीजल को लेकर अफवाहों का दौर शुरू हो गया है। गुरुवार शाम रायपुर, दुर्ग, बिलासपुर समेत कई शहरों के पेट्रोल पंपों पर अचानक भारी भीड़ उमड़ पड़ी। कई जगहों पर वाहनों की लंबी कतारें देखने को मिलीं, जिससे लोगों में ईंधन संकट की आशंका बढ़ गई।
हालांकि राज्य सरकार ने साफ किया है कि छत्तीसगढ़ में पेट्रोल और डीजल का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है और आम लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है। खाद्य सचिव रीना बाबासाहेब कंगाले ने कहा कि प्रदेश के ऑयल डिपो में नियमित रूप से ईंधन की आपूर्ति हो रही है और वितरण व्यवस्था पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।
सरकार के अनुसार प्रदेश में वर्तमान में 2516 पेट्रोल-डीजल पंप संचालित हैं। राज्य में पेट्रोल का 45,474 किलोलीटर और डीजल का 84,654 किलोलीटर स्टॉक उपलब्ध है। वहीं प्रतिदिन पेट्रोल की जरूरत 3,635 किलोलीटर और डीजल की मांग 5,873 किलोलीटर है। आज ही विभिन्न ऑयल डिपो में 6,551 किलोलीटर पेट्रोल और 4,760 किलोलीटर डीजल की आपूर्ति प्राप्त हुई है। केंद्र सरकार ने भी स्पष्ट किया है कि देशभर के पेट्रोल पंपों पर ईंधन का पर्याप्त भंडार मौजूद है और खुदरा कीमतों में कोई बढ़ोतरी नहीं की गई है।
उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए पेट्रोल और डीजल पर उत्पाद शुल्क में 10 रुपए प्रति लीटर की कटौती की गई है।
इधर रसोई गैस की सप्लाई को लेकर भी सरकार ने स्थिति स्पष्ट की है। सरकारी सूत्रों के मुताबिक एलपीजी से भरे कई अंतरराष्ट्रीय जहाज सुरक्षित रूप से होर्मुज जलडमरूमध्य पार कर भारत की ओर बढ़ रहे हैं। इनमें एसवाईएमआई और एनवी सनशाइन नाम के जहाज शामिल हैं, जो हजारों मीट्रिक टन एलपीजी लेकर आ रहे हैं। इन जहाजों के अगले कुछ दिनों में भारत पहुंचने की संभावना है। सरकार ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान नहीं देने और जरूरत से ज्यादा ईंधन की खरीदारी नहीं करने की अपील की है। अधिकारियों का कहना है कि सप्लाई पूरी तरह सामान्य है और किसी प्रकार की कमी की स्थिति नहीं है।