रायपुर। नक्सल मोर्चे पर शहीद हुए वीर जवानों और आम नागरिकों की अमर गाथा अब छत्तीसगढ़ की धरती पर पत्थरों में उकेरी जाएगी। राज्य सरकार ने “अमर बलिदानी शहीद स्मारक योजना” के तहत एक ऐतिहासिक और भावनात्मक निर्णय लिया है — प्रदेश के शहीदों की प्रतिमाएं उनके गांवों और शहरों के प्रमुख चौराहों पर स्थापित की जाएंगी। यह पहल शहीदों की शहादत को अमर बनाने और हर पीढ़ी को उनके बलिदान से प्रेरित करने की दिशा में बड़ा कदम है।
580 शहीद परिवारों ने दी सहमति
अब तक 580 शहीद परिवारों ने अपने प्रियजनों की प्रतिमा लगाने की सहमति दी है। राजस्थान के मकराना संगमरमर से इन प्रतिमाओं का निर्माण हो रहा है, ताकि शहीदों के चेहरे, हावभाव और व्यक्तित्व को जीवंत रूप दिया जा सके। एक प्रतिमा और शेड पर करीब 3.14 लाख रुपये खर्च होंगे और इस योजना के लिए 44 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया गया है।
आकाश राव समेत अनेक वीरों को मिलेगा स्थान
कोंटा में आईईडी विस्फोट में शहीद हुए एएसपी आकाश राव गिरपूंजे की प्रतिमा राजधानी रायपुर में स्थापित की जाएगी। इससे पहले जगदलपुर में शहीदों के नाम पर स्मारक बनाया गया था, लेकिन अब उनकी मूर्तियां उनके गांवों और कस्बों में लगाई जाएंगी ताकि आम लोग उनके बलिदान से गहराई से जुड़ सकें।
आम नागरिकों की शहादत को भी सम्मान
नक्सली हिंसा ने न केवल जवानों, बल्कि 1851 आम नागरिकों की भी जान ली है। अब राज्य सरकार इन नागरिकों की प्रतिमाएं भी बनवाकर स्थापित करेगी ताकि यह संदेश दिया जा सके कि नक्सली हिंसा ने पूरे समाज को नुकसान पहुंचाया है।
प्रतिमा स्थल बनेगा वीरगाथा स्थल
हर प्रतिमा के पास एक पट्टिका होगी, जिसमें शहीद की वीरगाथा का संक्षिप्त उल्लेख होगा। यह आने वाली पीढ़ियों को उनके योगदान और शौर्य की कहानी बताएगी। बारिश, धूप और आंधियों से बचाने के लिए शेड का निर्माण भी किया जाएगा।
सीमा पर शहीद जवान भी होंगे सम्मानित
प्रदेश सरकार ने तय किया है कि देश की सीमाओं पर शहीद हुए छत्तीसगढ़ के वीरों की भी प्रतिमाएं लगाई जाएंगी। जहां पहले से प्रतिमाएं नहीं हैं, वहीं नई मूर्तियां स्थापित की जाएंगी।