जामगांव आर। समीपस्थ ग्राम धमना में सोनी परिवार की ओर से आयोजित श्रीमद्भागवत कथा में मंगलवार को पंडित प्रांशु कृष्ण शास्त्री ने रुक्मणी विवाह प्रसंग पर भक्तिमय प्रवचन दिया। आयोजन में बड़ी संख्या में श्रद्धालु कथा स्थल पर पहुँचकर दिव्य कथा का आनंद ले रहे हैं। भगवताचार्य पं. शास्त्री ने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा कलियुग में मुक्ति का सबसे सुलभ साधन है। जो व्यक्ति प्रेम, भक्ति और सत्य के मार्ग पर चलता है, उसे जीवन में कभी भय नहीं होता। उन्होंने आगे कहा कि कंस का वध कर भगवान श्रीकृष्ण ने धर्म की ध्वजा लहराई। यदि हम धर्म की रक्षा करेंगे, तो धर्म निश्चित रूप से हमारी रक्षा करेगा।
महाराज जी ने छत्तीसगढ़ की धार्मिक परंपरा पर भी प्रकाश डालते हुए कहा छत्तीसगढ़ सिर्फ धान का कटोरा नहीं, बल्कि धर्म का कटोरा भी है। यहाँ की मिट्टी में भक्ति, सेवा और सद्भाव की सुगंध बसी है। यह कथा स्व. अर्जुन सोनी की स्मृति में आयोजित की जा रही है। आयोजन में भक्तजन प्रतिदिन श्रद्धा के साथ पहुँच रहे हैं और आध्यात्मिक लाभ ले रहे हैं। कथा स्थल पर प्रमुख रूप से अरुण सोनी, नरोत्तम, अशोक, संजय, रितेश, कृष्णमणी शास्त्री, भोला राम, नंद कुमार, कुलेश्वर, माधव, संतोष, त्रिलोकी, राजेन्द्र, राकेश, विकास, गोविंद, कमलकांत, चंदन, दिनेश, अमित, कुणाल सहित श्रद्धालु जन उपस्थित रहे।