गुण्डरदेही। छत्तीसगढ़ प्रदेश कूर्मी क्षत्रिय समाज द्वारा सकरौद में शिवाजी जयंती का भव्य एवं गरिमामय आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत 19 फरवरी 1630 को जन्मे महान योद्धा छत्रपति शिवाजी महाराज के तेल चित्र पर माल्यार्पण एवं श्रद्धांजलि अर्पित कर की गई।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि विजय बघेल (अध्यक्ष, प्रदेश कूर्मी क्षत्रिय समाज छत्तीसगढ़ एवं सांसद, लोकसभा दुर्ग) ने समाज के वरिष्ठजनों एवं जनप्रतिनिधियों को शाल, श्रीफल एवं शिवाजी महाराज की फोटो फ्रेम भेंटकर सम्मानित किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता सुरेन्द्र देशमुख (अध्यक्ष, प्रदेश कूर्मी क्षत्रिय समाज जिला बालोद) ने की। विशिष्ट अतिथियों में गुरुदेव वीरेन्द्र, चेतन देशमुख (अध्यक्ष भाजपा बालोद), तारिणी पुष्पेन्द्र चंद्राकर, पुरुषोत्तम चंद्राकर, अशोक भारतीय, रीना देशमुख सहित अनेक गणमान्यजन उपस्थित रहे। वार्षिक सम्मेलन के रूप में आयोजित इस कार्यक्रम में समाज के विकास, शिक्षा के विस्तार एवं संगठन की मजबूती जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई।
अपने उद्बोधन में विजय बघेल ने कहा कि छत्रपति शिवाजी महाराज अदम्य इच्छाशक्ति, पराक्रम और राष्ट्रनिष्ठा के प्रतीक थे। 3 अप्रैल 1680 तक के अपने जीवनकाल में उन्होंने मात्र 50 वर्ष की आयु में जो कीर्तिमान स्थापित किए, वे आज भी प्रेरणास्रोत हैं। उन्होंने समाज को संगठित होकर वीरता, सेवा और राष्ट्रहित की भावना से कार्य करने का आह्वान किया तथा कहा कि कूर्मी समाज को सशक्त और संगठित बनाने में बालोद जिला अग्रणी भूमिका निभा रहा है। वक्ताओं ने कहा कि आज समाज के युवा राजनीति एवं सामाजिक सेवा के क्षेत्र में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं, जो जागरूकता और नेतृत्व क्षमता का परिचायक है। इस अवसर पर लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल के राष्ट्रनिर्माण में योगदान का भी उल्लेख किया गया। कार्यक्रम में देवेन्द्र देशमुख, गोपेश्वर देशमुख, संतोष देशमुख, मिथलू देशमुख, यशवंत देशमुख, प्रीतम देशमुख, अनिल देशमुख सहित कूर्मी समाज के सैकड़ों सदस्य उपस्थित रहे। आयोजन उत्साह, सामाजिक एकता और गौरवपूर्ण वातावरण में सम्पन्न हुआ।