दुर्ग, 7 फरवरी 2026। छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में नाबालिग से गैंगरेप के बहुचर्चित मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। लंबे समय से फरार चल रहे मुख्य आरोपी, लोक निर्माण विभाग (PWD) में पदस्थ टाइमकीपर राजू कश्यप उर्फ कृपा शंकर को उत्तर प्रदेश के गोरखपुर से गिरफ्तार कर लिया गया है। आरोपी की गिरफ्तारी के बाद पुलिस की कार्रवाई और तेज हो गई है। उसे दुर्ग लाने के लिए पुलिस की विशेष टीम उत्तर प्रदेश रवाना हो चुकी है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक विजय अग्रवाल ने बताया कि प्रकरण दर्ज होने के बाद से ही आरोपी लगातार पुलिस से बचने की कोशिश कर रहा था। प्रारंभिक जांच में यह स्पष्ट हुआ कि राजू कश्यप राज्य से बाहर फरार होकर गोरखपुर में अपने रिश्तेदारों के यहां छिपा हुआ था। आरोपी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने अलग-अलग टीमें गठित कर लगातार उसकी तलाश की।
एसएसपी विजय अग्रवाल के अनुसार, आरोपी तक पहुंचने के लिए तकनीकी साक्ष्यों का व्यापक उपयोग किया गया। कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR), मोबाइल टॉवर लोकेशन और अन्य डिजिटल इनपुट्स के माध्यम से उसकी गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा रही थी। जैसे ही उसकी लोकेशन उत्तर प्रदेश के गोरखपुर क्षेत्र में ट्रेस हुई, पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दबिश दी और उसे गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि राजू कश्यप मूल रूप से गोरखपुर का निवासी है। पीडब्ल्यूडी में नौकरी मिलने के बाद वह अपने परिवार के साथ दुर्ग में निवास कर रहा था। आरोप है कि उसने अपने साथियों के साथ मिलकर नाबालिग पीड़िता को नौकरी दिलाने का झांसा देकर करीब सात वर्षों तक उसका शारीरिक व मानसिक शोषण किया। पीड़िता का आरोप है कि नौकरी से निकलवाने और गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी देकर उसे लगातार डराया जाता रहा।
मामले में पहले से गिरफ्तार आरोपी अनिल चौधरी की जमानत याचिका फिलहाल न्यायालय में विचाराधीन है। वहीं एक अन्य आरोपी संजय द्वारा दुर्ग न्यायालय में दायर अग्रिम जमानत याचिका को चतुर्थ अपर सत्र न्यायाधीश, एफटीसी (पॉक्सो) अनीश दुबे की अदालत ने खारिज कर दिया है। अदालत के इस फैसले को पीड़िता के पक्ष में अहम माना जा रहा है।
एसएसपी विजय अग्रवाल ने स्पष्ट किया कि मामले की जांच अत्यंत गंभीरता से की जा रही है। आरोपी के दुर्ग लाए जाने के बाद उससे गहन पूछताछ की जाएगी, जिससे पूरे घटनाक्रम और नेटवर्क का खुलासा हो सके। उन्होंने दो टूक कहा कि इस प्रकरण से जुड़े सभी दोषियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाएगी और किसी को भी कानून से ऊपर नहीं रखा जाएगा।