पाटन। प्रदेश स्वास्थ्य मितानिन संघ रायपुर एवं प्रशिक्षक कल्याण संघ की मितानिनें राजधानी रायपुर में राज्य स्तरीय अनिश्चितकालीन धरना देने के लिए जा रही थीं। लेकिन उन्हें सुबह करीब 8 बजे ग्राम सोनपुर में ही पुलिस प्रशासन ने रोक दिया। लगभग चार घंटे तक मितानिन वहीं सड़क पर बैठकर नारेबाजी करती रहीं और सरकार पर चुनावी वादे पूरे न करने का आरोप लगाती रहीं।
इस बीच जैसे ही उन्हें जानकारी मिली कि प्रदेशभर से रायपुर जा रही मितानिनों को जगह-जगह रोका जा रहा है, उनका आक्रोश और बढ़ गया। बड़ी संख्या में मितानिन आत्मानंद चौक पाटन पहुंचीं और सड़क पर धरना देकर बैठ गईं। देखते ही देखते आंदोलन ने चक्का जाम का रूप ले लिया, जिससे चौक और आसपास का यातायात घंटों बाधित रहा।
मितानिनों की प्रमुख मांगें
- 2023 के चुनावी घोषणा पत्र के अनुसार मितानिन, प्रशिक्षक व हेल्थ डेस्क फैसिलिटेटर का राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) में संविलियन।
- वेतन/मानदेय में 50 प्रतिशत वृद्धि।
- एनजीओ व आउटसोर्सिंग व्यवस्था समाप्त कर शासन द्वारा सीधा वेतन भुगतान।
मितानिनों का कहना है कि वे वर्षों से ग्रामीण अंचलों में स्वास्थ्य सेवाएं दे रही हैं, लेकिन सरकार अब तक अपने वादों पर अमल नहीं कर पाई है। उन्होंने साफ कहा कि जब तक उनकी मांगे पूरी नहीं होतीं, आंदोलन अनिश्चितकाल तक जारी रहेगा। धरना स्थल पर पहुंचे प्रशासन और पुलिस अधिकारियों ने मितानिनों को समझाने का प्रयास किया, किंतु वे अपनी मांगों पर अडिग रहीं।