बालोद। छत्तीसगढ़ के बालोद जिले को दहला देने वाली एक दर्दनाक वारदात सामने आई है। अर्जुन्दा थाना क्षेत्र में रेस्टोरेंट संचालक के इकलौते बेटे दुर्गेश देवांगन उर्फ दादू (27) की उसके ही बचपन के दोस्त पवन कुमार कंवर (27) ने हत्या कर दी। शराब पिलाने को लेकर हुए विवाद ने आखिरकार एक युवक की जान ले ली। घटना 30 नवंबर की रात की है, जब दुर्गेश का शव अर्जुन्दा की दम बिरयानी सेंटर के फर्श पर पाया गया। उसके दोस्तों ने उसे अर्जुन्दा अस्पताल पहुंचाया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मजबूत शारीरिक युवक की अचानक मौत पर परिवार ने हत्या की आशंका जताई। पुलिस जांच में चौंकाने वाला सच सामने आया—विवाद के दौरान उसके दोस्त ने ही चमड़े की बेल्ट से गला दबाकर उसकी हत्या कर दी थी।
• घटना से पहले क्या हुआ?
पुलिस के अनुसार शाम 5 से 6 बजे के बीच दुर्गेश अपने बचपन के दोस्त पवन से मिला। दोनों कुछ देर घूमे और फिर अन्य दोस्तों के साथ बिरयानी सेंटर पहुंचे। सभी ने साथ बैठकर देर रात तक शराब पी। रात 10 बजे के बाद कुछ दोस्त शराब लेने बाहर चले गए। इस दौरान दुर्गेश ने पवन से और शराब पिलाने को कहा। आर्थिक रूप से कमजोर और पहले से तनाव में चल रहे पवन ने मना कर दिया। इसी बात पर बहस शुरू हुई, जो देखते-देखते झगड़े में बदल गई। गुस्से में पवन ने अपना चमड़े का बेल्ट निकाला और दुर्गेश का गला दबा दिया। कुछ ही सेकंड में उसकी मौत हो गई।
• वारदात के बाद आरोपी का व्यवहार
घटना को अंजाम देने के बाद पवन ने शव को फर्श पर लिटाया और पास की दुकान में जाकर सो गया। जब बाकी दोस्त शराब लेकर लौटे और दुर्गेश को उठाने की कोशिश की, तो वह नहीं उठा। उसके सांस न चलने पर सभी उसे अस्पताल ले गए, जहां मौत की पुष्टि हुई।
• परिजनों ने जताई हत्या की आशंका
जब पिता संतोष देवांगन और समाज के ब्लॉक अध्यक्ष रितेश देवांगन ने शव देखा, तो कई चोटों के निशान, नाक से बहता खून और बाहर निकली जीभ देखकर हत्या की आशंका मजबूत हो गई। पुलिस ने सभी 8 दोस्तों को हिरासत में लिया, लेकिन किसी ने भी घटना की जानकारी होने से इनकार किया।
• CCTV फुटेज ने खोला राज: ऐसे पकड़ा गया आरोपी
साइबर टीम ने बिरयानी सेंटर के सामने लगे CCTV कैमरे की जांच की। फुटेज में स्पष्ट दिखाई दिया कि पवन कुमार कंवर, दुर्गेश का गला दबा रहा है। इसी सबूत के आधार पर पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया। उसके खिलाफ BNS की धारा 103 के तहत हत्या का मामला दर्ज कर उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।