दुर्ग-भिलाई। भिलाई के वैशाली नगर से भाजपा विधायक रिकेश सेन की सुरक्षा को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। महिला दिवस के अवसर पर सार्वजनिक मंच से विधायक द्वारा अपनी हत्या की साजिश का दावा किए जाने के एक सप्ताह बाद भी कथित ‘पीली फाइल’ का रहस्य नहीं खुल सका है। इस मुद्दे पर अब कांग्रेस भी खुलकर सामने आ गई है और पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग की है। कांग्रेस नेताओं ने सुपेला थाना पहुंचकर पुलिस को ज्ञापन सौंपा और विधायक की सुरक्षा सुनिश्चित करने के साथ-साथ साजिशकर्ताओं के नाम सार्वजनिक करने की मांग की। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने थाने के बाहर नारेबाजी करते हुए राज्य सरकार से इस मामले में तत्काल कार्रवाई की मांग की।
दरअसल 8 मार्च को आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान विधायक रिकेश सेन ने अपने खिलाफ रची गई कथित साजिश का जिक्र किया था। उन्होंने मंच से एक वीडियो भी दिखाया था, जिसमें भाजपा के पूर्व पार्षद जयप्रकाश यादव पीले रंग की एक फाइल के साथ नजर आए थे। दावा किया गया था कि इस फाइल में उन लोगों के नाम दर्ज हैं, जो उन्हें फंसाने या नुकसान पहुंचाने की साजिश कर रहे हैं। विधायक ने उस समय कहा था कि किसी ने एक वीडियो जारी किया है, जिससे वे और उनका परिवार सदमे में है। उनके अनुसार कुछ लोग उन्हें झूठे मामले में फंसाने की साजिश रच रहे थे और यहां तक कि उन्हें फर्जी दुष्कर्म केस में फंसाने की योजना भी बनाई गई थी।
जहर देकर मारने या हादसे का रूप देने की आशंका
विधायक के मुताबिक उन्हें फोन पर सावधान रहने की सलाह दी गई थी। उन्होंने दावा किया था कि उन्हें जहर देकर मारने या सड़क दुर्घटना का रूप देकर हत्या करने की योजना बनाई जा रही थी। यहां तक कि जन्मदिन के बहाने केक में जहर मिलाकर खिलाने की साजिश की बात भी सामने आई थी।
विधानसभा में भी गूंजा मामला
यह मुद्दा छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र में भी उठा। शून्यकाल के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने विधायक की सुरक्षा का मामला उठाते हुए सरकार से स्पष्ट जवाब देने की मांग की। उन्होंने कहा कि यदि सत्तारूढ़ दल का विधायक ही खुद को असुरक्षित महसूस कर रहा है, तो यह गंभीर विषय है और सरकार को स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।
‘पीली फाइल’ से चर्चा में आए जयप्रकाश यादव
भाजपा के पूर्व पार्षद जयप्रकाश यादव पहले भी नौकरी दिलाने के नाम पर धोखाधड़ी के मामले में चर्चा में रह चुके हैं। उनके खिलाफ 11 फरवरी को करीब 16 लाख रुपए की ठगी का मामला दर्ज किया गया था। आरोप है कि कई लोगों से अलग-अलग सरकारी पदों पर नौकरी दिलाने के नाम पर पैसे लिए गए थे। इसके बाद जयप्रकाश यादव ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी कर पीली फाइल दिखाई और विधायक रिकेश सेन के समर्थन में सामने आए थे।
कांग्रेस ने की उच्च स्तरीय जांच की मांग
भिलाई कांग्रेस जिला अध्यक्ष ने कहा कि विधायक ने खुद सोशल मीडिया के जरिए अपनी जान को खतरा होने की बात कही है। इसके बावजूद एक सप्ताह बीत जाने के बाद भी पुलिस ने कथित साजिशकर्ताओं की पहचान नहीं की और न ही जांच में कोई ठोस प्रगति सामने आई है। कांग्रेस नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि जल्द जांच शुरू नहीं हुई तो वे इस मुद्दे को और व्यापक स्तर पर उठाएंगे। वहीं पुलिस का कहना है कि मामले की जानकारी लेकर आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।