23वीं बार अमरनाथ यात्रा पूरी कर लौटे नरोत्तम साहू, बोले—तीर्थ यात्रा से मिलता है आत्मिक सुख और नई ऊर्जा

23वीं बार अमरनाथ यात्रा पूरी कर लौटे नरोत्तम साहू, बोले—तीर्थ यात्रा से मिलता है आत्मिक सुख और नई ऊर्जा

अमरनाथ, हरिद्वार, ऋषिकेश, अमृतसर सहित अनेक पवित्र स्थलों के किए दर्शन, शांतिकुंज में कुलपति चिन्मय पंड्या से की भेंट
जामगांव (आर)। क्षेत्र के वरिष्ठ सामाजिक एवं धार्मिक कार्यकर्ता नरोत्तम साहू ने इस वर्ष अपनी 23वीं अमरनाथ यात्रा सफलतापूर्वक पूर्ण कर लौटने के बाद यात्रा के अनुभव साझा किए। उन्होंने बताया कि अमरनाथ बाबा के दर्शन के उपरांत उनका दल श्रीनगर पहुंचा। इसके बाद मां वैष्णो देवी के दर्शन के लिए रवाना हुए, लेकिन यात्रा अस्थायी रूप से बंद होने के कारण वे अमृतसर पहुंच गए। अमृतसर में उन्होंने वाघा बॉर्डर, जलियांवाला बाग, स्वर्ण मंदिर (गोल्डन टेंपल) तथा दुर्गाण्या मंदिर में दर्शन कर देशभक्ति और धार्मिक आस्था का अनुभव प्राप्त किया।
इसके बाद हरिद्वार पहुंचकर उन्होंने सबसे पहले अखिल विश्व गायत्री परिवार के युगतीर्थ शांतिकुंज में प्रवास किया। यहां उन्हें निशुल्क आवास एवं भोजन की व्यवस्था मिली। उन्होंने गायत्री मंदिर में पूजा-अर्चना की तथा पूजनीय माताजी के दर्शन किए। इस दौरान शांतिकुंज के प्रमुख एवं देव संस्कृति विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. चिन्मय पंड्या से आत्मीय भेंट कर उन्हें स्मृति चिन्ह भेंट किया।

nरोत्तम साहू ने बताया कि शांतिकुंज परिसर का भ्रमण उनके लिए अत्यंत प्रेरणादायक रहा। उन्होंने देव संस्कृति विश्वविद्यालय, विशाल गौशाला, आम बगीचा, विद्यालय एवं भगवान शिव के मंदिर के दर्शन किए। इसके बाद हरिद्वार में मां गंगा की भव्य आरती और मां मनसा देवी के दर्शन का भी सौभाग्य प्राप्त हुआ। यात्रा के अगले चरण में उन्होंने ऋषिकेश पहुंचकर लक्ष्मण झूला, परमार्थ निकेतन, गीता भवन तथा विभिन्न धार्मिक स्थलों के दर्शन किए और संत-महात्माओं का आशीर्वाद प्राप्त किया। नरोत्तम (भोला ) साहू ने कहा कि हर वर्ष तीर्थ यात्रा करने से देश, धर्म और सनातन संस्कृति के प्रति ज्ञान और आस्था दोनों बढ़ते हैं। पवित्र स्थलों का भ्रमण मन को शांति, आनंद और नई ऊर्जा प्रदान करता है।
उन्होंने विशेष रूप से कहा कि अखिल विश्व गायत्री परिवार के युगतीर्थ शांतिकुंज में देव संस्कृति विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. चिन्मय पंड्या से हुई भेंट उनके जीवन की अविस्मरणीय स्मृतियों में शामिल रहेगी। उन्होंने कहा कि युगऋषि पंडित श्रीराम शर्मा आचार्य की तपोस्थली शांतिकुंज का आध्यात्मिक वातावरण वास्तव में अलौकिक है और हर श्रद्धालु को जीवन में एक बार वहां अवश्य जाना चाहिए। यात्रा दल में नरोत्तम भोला साहू,गोपाल साहू,राहुल,वेदप्रकाश साहू,दुष्यंत कुमार साहू,दिनेश कुमार साहू रनचिरई,दुर्वासा राम, डोमन लाल साहू आदि शामिल रहे।

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