जामगांव आर। आजादी का अमृत महोत्सव के अंतर्गत स्वतंत्रता सेनानियों की जीवनी लेखन एवं उनके योगदान को जन-जन तक पहुंचाने के लिए उल्लेखनीय कार्य करने वाले शिक्षक टिकेश्वर प्रसाद गजपाल को राष्ट्रीय स्तर पर प्राप्त सम्मान के उपलक्ष्य में स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर 15 अगस्त 2026 को उनके कार्यक्षेत्र ग्राम आगेसरा में ग्रामवासियों एवं विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाओं द्वारा आत्मीय सम्मान किया गया। उल्लेखनीय है कि आजादी का अमृत महोत्सव के अंतर्गत देशभर से चयनित 25 शिक्षकों को नई दिल्ली में संस्कृति मंत्रालय द्वारा राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित किया गया। इनमें छत्तीसगढ़ के तीन शिक्षक टिकेश्वर प्रसाद गजपाल, पंकज सिंह राजपूत एवं राघवेंद्र कुमार ध्रुव शामिल थे। चयनित 25 शिक्षकों में टिकेश्वर प्रसाद गजपाल का स्थान छठा रहा। नई दिल्ली में आयोजित सम्मान समारोह में उन्हें केंद्रीय संस्कृति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत द्वारा सम्मानित किया गया।
शिक्षक गजपाल ने स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के जीवन, संघर्ष, त्याग एवं राष्ट्र के प्रति उनके योगदान को लेखन के माध्यम से संरक्षित करने तथा नई पीढ़ी एवं समाज तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उनके इस उल्लेखनीय कार्य को राष्ट्रीय स्तर पर मिली पहचान उनके विद्यालय, ग्राम, क्षेत्र एवं पूरे छत्तीसगढ़ के लिए गौरव का विषय है। राष्ट्रीय सम्मान प्राप्त करने के बाद जब गजपाल अपने कार्यक्षेत्र ग्राम आगेसरा पहुंचे, तो स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर ग्रामवासियों एवं शिक्षक साथियों ने उनका आत्मीय अभिनंदन किया। इस दौरान ग्रामीणों एवं शिक्षकों ने राष्ट्रीय स्तर पर उनका चयन एवं सम्मान पूरे क्षेत्र के लिए गौरवपूर्ण उपलब्धि बताया।
शिक्षक साथियों ने कहा कि गजपाल ने अपने शैक्षणिक दायित्वों के साथ स्वतंत्रता सेनानियों के जीवन और संघर्ष को लेखन के माध्यम से नई पीढ़ी तक पहुंचाने का महत्वपूर्ण कार्य किया है। उनका यह प्रयास विद्यार्थियों में देशभक्ति, राष्ट्रप्रेम एवं स्वतंत्रता सेनानियों के प्रति सम्मान की भावना विकसित करने की दिशा में प्रेरणादायी है। ग्रामवासियों ने कहा कि देशभर के 25 शिक्षकों में छठे स्थान पर चयनित होकर केंद्रीय संस्कृति मंत्री के हाथों सम्मान प्राप्त करना ग्राम एवं क्षेत्र के लिए गौरव की बात है। उनकी यह उपलब्धि आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी।
सम्मान समारोह में सरपंच रमाकांत साहू सहित जनप्रतिनिधि, ग्रामवासी एवं शिक्षक साथी उपस्थित रहे। इस अवसर पर टिकेश्वर प्रसाद गजपाल ने सभी के प्रति हृदय से आभार व्यक्त करते हुए कहा कि नई दिल्ली में राष्ट्रीय स्तर पर मिला सम्मान उनके लिए गौरव का विषय है, लेकिन अपने कार्यक्षेत्र के ग्रामवासियों एवं शिक्षक साथियों से मिला स्नेह और सम्मान भी उनके लिए उतना ही महत्वपूर्ण एवं भावुक करने वाला है। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता सेनानियों के त्याग, संघर्ष और बलिदान को समाज तथा नई पीढ़ी तक पहुंचाना उनके लिए केवल लेखन कार्य नहीं, बल्कि राष्ट्र के प्रति श्रद्धांजलि है।