बिलासपुर, 18 नवंबर 2025। भारत निर्वाचन आयोग, नई दिल्ली द्वारा जारी विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम (अर्हता तिथि—01 जनवरी 2026) के तहत पूरे देश में मतदाता सूची अद्यतन, सुधार और सत्यापन का कार्य जारी है। लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1950 की धारा 13(सीसी) के अनुसार इस कार्य में लगे अधिकारी एवं कर्मचारी सीधे तौर पर भारत निर्वाचन आयोग के नियंत्रण एवं अनुशासन के अधीन होते हैं।
इसी बीच बिलासपुर जिले में एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक कार्रवाई सामने आई है। स्वामी आत्मानंद महारानी लक्ष्मीबाई उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, बिलासपुर में पदस्थ शिक्षिका कविता बनर्जी को 7 नवंबर 2025 को पत्र क्रमांक क/कानूनगो/निर्वाचन/2025/341 के माध्यम से बीएलओ (Booth Level Officer) का दायित्व सौंपा गया था। मतदाता सूची पुनरीक्षण जैसे संवैधानिक कार्य में बीएलओ की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जाती है।
लेकिन शिक्षिका कविता बनर्जी ने इस जिम्मेदारी को ग्रहण करने से स्पष्ट रूप से इंकार कर दिया। निर्वाचन कार्य से इंकार को भारत निर्वाचन आयोग ने गंभीर लापरवाही एवं अनुशासनहीनता माना है। यह कृत्य सिविल सेवा आचरण नियम 1965 के नियम 3 का उल्लंघन है, जिसमें सरकारी सेवक के लिए कर्तव्यनिष्ठा, आदेशों का पालन और ईमानदार व्यवहार अनिवार्य है।
अनुविभागीय अधिकारी (रा.) एवं निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी, बिलासपुर द्वारा भेजे गए प्रस्ताव के आधार पर जिला प्रशासन ने तुरंत और कठोर कदम उठाते हुए शिक्षिका कविता बनर्जी को छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम 1966 के नियम 9 के तहत तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। निलंबन आदेश के साथ ही उनका मुख्यालय विकासखंड शिक्षा अधिकारी, बिल्हा निर्धारित किया गया है। निलंबन अवधि में उन्हें नियमों के अनुसार जीवन-निर्वाह भत्ता (Subsistence Allowance) प्रदान किया जाएगा, जो सेवा नियमों के तहत निर्धारित प्रतिशत में दिया जाता है।