YC न्यूज़ डेस्क । नक्सली संगठन के शीर्ष नेतृत्व से जुड़ी बड़ी खबर सामने आई है। संगठन के कथित महासचिव और पोलित ब्यूरो सदस्य थिप्परी तिरुपति उर्फ देवजी के सरेंडर करने की सूचना है। बताया जा रहा है कि देवजी ने अपने साथी CCM संग्राम के साथ तेलंगाना में पुलिस के सामने हथियार डाल दिए हैं। हालांकि इस संबंध में अब तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। छत्तीसगढ़ पुलिस की ओर से भी देवजी के आत्मसमर्पण को लेकर स्पष्ट बयान जारी नहीं किया गया है। सूत्रों के मुताबिक, हालिया घटनाक्रम के बाद संगठन के भीतर बड़े स्तर पर हलचल मची हुई है।
डेढ़ करोड़ का इनामी
जानकारी के अनुसार, बसवा राजू के एनकाउंटर के बाद देवजी को नक्सली संगठन का महासचिव बनाया गया था। वर्तमान में उसे संगठन का शीर्ष नेता माना जाता है। छत्तीसगढ़ में उस पर करीब डेढ़ करोड़ रुपए का इनाम घोषित है। वहीं, संग्राम पर 1 करोड़ रुपए का इनाम बताया जाता है।
बस्तर आईजी का बयान
बस्तर रेंज के आईजी सुंदरराज पी. ने कहा कि सीमावर्ती राज्य में कुछ वरिष्ठ नक्सली कैडरों के आत्मसमर्पण की खबरों को लेकर चर्चा चल रही है। प्रोटोकॉल के अनुसार, ऐसी किसी भी घटना की आधिकारिक पुष्टि संबंधित राज्य या एजेंसी द्वारा ही की जा सकती है। उन्होंने कहा कि वर्तमान परिस्थितियों में नक्सली संगठन अपने अंत की ओर बढ़ रहा है। कैडरों के पास हिंसा छोड़कर मुख्यधारा में लौटने के अलावा कोई विकल्प नहीं है। उन्होंने नक्सली नेतृत्व से अपील की कि वे हथियार छोड़कर शांति का मार्ग अपनाएं, अन्यथा उन्हें परिणाम भुगतने होंगे।
बस्तर में घटती पकड़
सुरक्षा एजेंसियों के आकलन के अनुसार, बस्तर के विभिन्न इलाकों में अब करीब 200 आर्म्ड कैडर ही सक्रिय बचे हैं, जो अलग-अलग टुकड़ियों में छिपे हुए हैं। महाराष्ट्र-मध्यप्रदेश-छत्तीसगढ़ (MMC) जोन लगभग समाप्त हो चुका है। उत्तर बस्तर और माड़ डिवीजन में भी नक्सलियों की पकड़ कमजोर पड़ी है। सूत्रों के मुताबिक, दक्षिण बस्तर के जंगलों में पापाराव अपने साथियों के साथ सक्रिय है, जबकि मिशिर बेसरा झारखंड क्षेत्र में मौजूद है।
केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह का सख्त संदेश
हाल ही में जगदलपुर दौरे पर आए केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने स्पष्ट कहा था कि नक्सलियों से किसी प्रकार की चर्चा नहीं होगी, उनके पास हथियार डालना ही एकमात्र विकल्प है। उन्होंने दावा किया था कि निर्धारित समयसीमा के भीतर बस्तर को नक्सलमुक्त बनाने की दिशा में तेजी से काम हो रहा है। देवजी के कथित सरेंडर की खबर यदि आधिकारिक रूप से पुष्ट होती है, तो इसे नक्सल संगठन के लिए बड़ा झटका माना जाएगा। फिलहाल सुरक्षा एजेंसियां घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं।