रायपुर। छत्तीसगढ़ में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) कर्मचारियों की हड़ताल ने सियासी तूल पकड़ लिया है। स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने हड़ताल को “अनुचित” ठहराते हुए कर्मचारियों से काम पर लौटने की अपील की है, वहीं कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज ने सरकार पर समस्याओं को नजरअंदाज करने और कर्मचारियों की आवाज दबाने का आरोप लगाया।
स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल की अपील
जायसवाल ने कहा कि कर्मचारियों की अधिकांश मांगें पहले ही पूरी की जा चुकी हैं और कई दौर की बातचीत भी हो चुकी है। प्रस्ताव बनाकर केंद्र सरकार को भेजा जाएगा। उन्होंने कहा—यह मौसमी बीमारियों का समय है, स्वास्थ्य सेवाओं को बाधित करना ठीक नहीं है। मैं कर्मचारियों से अपील करता हूं कि काम पर लौटें। सरकार उनकी मांगों को सुन रही है और समाधान की दिशा में कदम उठा रही है।”
दीपक बैज का पलटवार
पीसीसी चीफ दीपक बैज ने कहा कि सरकार कर्मचारियों की समस्याओं पर “सिर्फ टालमटोल” कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि हड़ताल कर रहे कर्मचारियों को जेल भेजने की धमकी दी जा रही है। बैज ने कहा—बीजेपी ने चुनाव में ‘मोदी गारंटी’ का नारा देकर NHM कर्मचारियों से वोट लिया था, लेकिन अब उनकी समस्याओं का समाधान नहीं कर रही। सरकार तुरंत बातचीत कर मांगों का हल निकाले।”
आम जनता पर असर
NHM कर्मचारियों की हड़ताल से ग्रामीण क्षेत्रों में दवाइयों की आपूर्ति और स्वास्थ्य जांच जैसी सेवाएं ठप हो गई हैं। मरीजों को उपचार के लिए भटकना पड़ रहा है। बढ़ते गतिरोध से आम जनता सबसे अधिक प्रभावित हो रही है। अब देखने वाली बात होगी कि मंत्री के आश्वासन और कांग्रेस की सख्त प्रतिक्रिया के बीच सरकार और कर्मचारियों के बीच कब बातचीत शुरू होती है और हड़ताल कब खत्म होती है।