YC न्यूज़ डेस्क । केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज संसद में केंद्रीय बजट प्रस्तुत करते हुए इतिहास रच दिया। यह उनका लगातार नौवां बजट रहा। बजट भाषण के दौरान उन्होंने आयकर व्यवस्था को सरल, पारदर्शी और करदाताओं के अनुकूल बनाने के उद्देश्य से कई महत्वपूर्ण और दूरगामी घोषणाएँ कीं। वित्त मंत्री ने बताया कि नया इनकम टैक्स एक्ट इसी वर्ष 1 अप्रैल से लागू किया जाएगा। इसके तहत टैक्स सिस्टम को अधिक भरोसेमंद और सरल बनाया जाएगा, जिससे आम नागरिकों को बड़ी राहत मिलेगी। उन्होंने कहा कि आयकर रिटर्न (ITR) के फॉर्म को लगातार आसान किया जा रहा है, ताकि करदाता स्वयं बिना किसी जटिलता के रिटर्न दाखिल कर सकें। उन्होंने यह भी घोषणा की कि अब आयकर रिटर्न को संशोधित करने की अंतिम तिथि 31 मार्च तक बढ़ा दी गई है। इससे करदाताओं को रिटर्न में हुई त्रुटियों को सुधारने के लिए अतिरिक्त समय मिलेगा।
नए इनकम टैक्स कानून में एक अहम बदलाव यह किया गया है कि छोटी तकनीकी खामियों को अपराध की श्रेणी से बाहर किया जा रहा है। वित्त मंत्री ने प्रस्ताव रखा कि अब तकनीकी चूक पर आपराधिक कार्रवाई के बजाय केवल आर्थिक दंड लगाया जाएगा। छोटे टैक्स मामलों में जेल जैसी कठोर सजा के स्थान पर जुर्माने का प्रावधान होगा। इसके अलावा अकाउंट ऑडिट पूरा न होने या फाइनेंशियल ट्रांजेक्शन रिपोर्ट दाखिल न करने पर लगने वाली पेनाल्टी को फीस में बदलने का भी प्रस्ताव किया गया है।बजट में विदेश यात्रा करने वालों को भी राहत दी गई है। ओवरसीज टूर पैकेज पर लगने वाली टीसीएस (Tax Collected at Source) की दर घटाकर 5 प्रतिशत कर दी गई है, जिससे अंतरराष्ट्रीय यात्रा करने वालों पर टैक्स का बोझ कम होगा।
रिटर्न दाखिल करने की समय-सीमा को लेकर भी अहम संकेत दिए गए। ITR-1 और ITR-2 के अंतर्गत आयकर रिटर्न दाखिल करने की अंतिम तिथि 31 जुलाई रखी जाएगी, जबकि नॉन-ऑडिट ट्रस्ट के लिए यह तिथि 31 अगस्त करने पर विचार किया जा रहा है। सरकार का उद्देश्य करदाताओं को तनावमुक्त और समयबद्ध टैक्स अनुपालन की सुविधा देना है। बजट भाषण के दौरान वित्त मंत्री ने देश की आर्थिक स्थिति से जुड़े आंकड़े भी साझा किए। उन्होंने बताया कि सरकार को 26.7 लाख करोड़ रुपये टैक्स के रूप में प्राप्त हुए, जबकि 34 लाख करोड़ रुपये अन्य स्रोतों से जुटाए गए। कुल सरकारी खर्च 49.6 लाख करोड़ रुपये रहा, जिसमें 11 लाख करोड़ रुपये का पूंजीगत व्यय शामिल है। वित्त वर्ष 2026-27 के लिए कुल खर्च 53.5 लाख करोड़ रुपये रहने का अनुमान लगाया गया है।