दुर्ग। जिला प्रशासन ने सड़क सुरक्षा के नाम पर बड़ा आदेश जारी किया है – अब यदि वाहन चालक हेलमेट नहीं पहनेगा तो उसे पेट्रोल नहीं मिलेगा। दुर्ग कलेक्टर के निर्देश पर सभी पेट्रोल पंप संचालकों को साफ चेतावनी दी गई है कि बिना हेलमेट किसी भी वाहन में पेट्रोल न डालें।
आदेश के पीछे तर्क तो सड़क सुरक्षा है, लेकिन शहर की जर्जर सड़कों और बदहाल ट्रैफिक व्यवस्था को लेकर लोगों में आक्रोश भी दिख रहा है। नागरिकों का कहना है कि शहर की भीतरी सड़कों पर लोग मुश्किल से 10–20 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चल पाते हैं, जगह-जगह गड्ढे बने हैं, फिर भी प्रशासन केवल नियम लागू करने में ही सख्ती दिखा रहा है।
लोगों का सवाल है कि सुविधा देने की बजाय प्रशासन आम आदमी पर ही ठीकरा क्यों फोड़ रहा है। भले ही हेलमेट पहनना सड़क सुरक्षा के लिए जरूरी हो, लेकिन उसके बहाने अन्य समस्याओं को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। जनता का कहना है कि मजबूर आदमी की मजबूरी का मजाक उड़ाने की बजाय प्रशासन को सड़कों और ट्रैफिक व्यवस्था सुधारने पर भी ध्यान देना चाहिए।
जिला प्रशासन का यह आदेश अब चर्चा का विषय बन गया है – क्या यह कदम सड़क सुरक्षा के लिए सही दिशा में उठाया गया कदम है, या केवल दिखावटी सख्ती?