सेवा की मिसाल बनी ‘श्री राम रसोई’: दो साल में दुर्ग सहित तीन जिलों के जरूरतमंदों को परोसीं 18.72 लाख भोजन थालियां

सेवा की मिसाल बनी ‘श्री राम रसोई’: दो साल में दुर्ग सहित तीन जिलों के जरूरतमंदों को परोसीं 18.72 लाख भोजन थालियां

दुर्ग। समाज सेवा और मानवीय संवेदनाओं का अनूठा उदाहरण बन चुकी श्री राम रसोई ने अपने सफल संचालन के दो वर्ष पूरे कर लिए हैं। श्री राधाकृष्ण मंदिर, महेश नगर, दुर्ग द्वारा संचालित इस सेवा अभियान की दूसरी वर्षगांठ पर सोमवार को संकट मोचन हनुमान मंदिर, मालवीय नगर चौक में भव्य समारोह का आयोजन किया गया। इस अवसर पर बताया गया कि पिछले दो वर्षों में संस्था ने 18 लाख 72 हजार 700 जरूरतमंद लोगों को सम्मानपूर्वक पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराया है। श्री राम रसोई के माध्यम से वर्तमान में दुर्ग, भिलाई, राजनांदगांव और गुंडरदेही सहित 25 प्रमुख स्थानों पर मात्र 20 रुपये में पौष्टिक भोजन थाली उपलब्ध कराई जा रही है। इस पहल का लाभ मजदूरों, विद्यार्थियों, मरीजों के परिजनों और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के हजारों लोग प्रतिदिन उठा रहे हैं।

समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव और पूर्व मंत्री प्रेमप्रकाश पांडेय ने इस सेवा अभियान की सराहना करते हुए इसे समाज के लिए प्रेरणादायक मॉडल बताया। उन्होंने कहा कि सेवा के लिए बड़े संसाधनों की नहीं, बल्कि बड़े दिल और मजबूत संकल्प की आवश्यकता होती है। यदि समाज के लोग इसी तरह संगठित होकर आगे आएं, तो जरूरतमंदों की सहायता का दायरा और अधिक व्यापक हो सकता है। संस्था के प्रमुख चतुर्भुज राठी ने बताया कि श्री राम रसोई का उद्देश्य समाज के अंतिम व्यक्ति तक बिना किसी भेदभाव के सम्मानपूर्वक भोजन पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि 18.72 लाख भोजन थालियों का वितरण केवल एक आंकड़ा नहीं, बल्कि लाखों लोगों तक पहुंची संवेदना, सहयोग और सामाजिक जिम्मेदारी का प्रतीक है। यह अभियान पूरी तरह निस्वार्थ सेवा भावना से संचालित हो रहा है, जिसका उद्देश्य केवल मानव सेवा है।

कार्यक्रम में विधायक ललित चंद्राकर, महापौर अलका बाघमार, पूर्व विधायक अरुण वोरा, पूर्व महापौर धीरज बाकलीवाल, नरसिंह भूतड़ा, सुरेंद्र शर्मा, सुनील अग्रवाल और श्याम तिवारी सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, स्वयंसेवक और नागरिक मौजूद रहे। इस दौरान सेवा कार्य में निरंतर योगदान देने वाले स्वयंसेवकों और कार्यकर्ताओं का सम्मान कर उनका उत्साहवर्धन भी किया गया। श्री राम रसोई का यह अभियान आज केवल एक भोजन सेवा नहीं, बल्कि सामाजिक सहभागिता, करुणा और मानवता की मिसाल बनकर प्रदेशभर में प्रेरणा का स्रोत बनता जा रहा है।

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