जामगांव आर। शहीद डोमेश्वर साहू शासकीय महाविद्यालय जामगांव आर में विश्व मृदा दिवस एवं स्वयं सेवक दिवस के अवसर पर राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) का सात दिवसीय विशेष शिविर ग्राम कुम्हली में प्रारंभ हुआ। शिविर में 5 से 11 दिसंबर तक विविध सामाजिक, पर्यावरणीय एवं जनजागरूकता आधारित गतिविधियों के साथ संचालित किया जाएगा। शिविर के उद्घाटन अवसर पर महाविद्यालय की प्राचार्य एवं कार्यक्रम की संरक्षक डॉ. शिखा अग्रवाल ने कहा कि एनएसएस की बढ़ती इकाइयाँ युवाओं को समाज के प्रति अपनी भूमिका निभाने का उत्कृष्ट अवसर प्रदान कर रही हैं। उन्होंने इस वर्ष की थीम “नशा-मुक्त समाज के लिए आज के युवा की भूमिका” पर विशेष जोर देते हुए सभी स्वयंसेवकों को पूर्ण निष्ठा से कार्य करने हेतु प्रेरित किया।
महाविद्यालय की जनभागीदारी समिति के अध्यक्ष नरेश केला ने युवाओं में समाज सेवा की भावना को प्रोत्साहित करने वाले इस आयोजन के लिए बधाई दी। उद्घाटन कार्यक्रम में ग्राम कुम्हली की सरपंच टिकेश्वरी ठाकुर, उपसरपंच विजय साहू, सांसद प्रतिनिधि मोगन सपहा, पंच निशा सूर्यवंशी, यामिनी साहू, दिनेश्वरी साहू, मोनिका साहू, तथा वरिष्ठ जन तिहारु महिपाल सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। सभी ने सामूहिक रूप से नशा-मुक्त समाज हेतु कार्य करने का संकल्प लिया। विश्व मृदा दिवस के अवसर पर महाविद्यालय के अंग्रेजी विभाग के प्राध्यापक डॉ. रजनीश तिवारी ने विद्यार्थियों को मिट्टी से जुड़े रहने और पर्यावरण संतुलन की आवश्यकता पर मार्गदर्शन दिया। एनएसएस प्रभारी श्रीमती चेतना सोनी ने मिट्टी की गुणवत्ता एवं ऑर्गेनिक खेती के महत्व पर चर्चा की।
इस अवसर पर एनएसएस द्वारा अपनी ‘बेस्ट प्रैक्टिस’ की शुरुआत करते हुए उपस्थित सभी जनों को मौसमी सब्जियों एवं फलों के सीड-बॉल्स भेंट किए गए, ताकि इन्हें सीधे रोपित कर पर्यावरण संरक्षण के प्रयासों को बढ़ावा दिया जा सके। कार्यक्रम में प्राइमरी एवं मिडिल स्कूल की प्राचार्य प्रभा सिंह, तथा शिक्षक-शिक्षिकाओं—छन्नूलाल साहू, यशोदा नायक, हुसन चंद्राकर, ए.के. चंद्राकर—ने भी विद्यार्थियों को प्रेरित किया। विद्यालय के बच्चों ने मनमोहक सांस्कृतिक प्रस्तुति देकर कार्यक्रम में उत्साह भर दिया।
शिविर में पूर्व एनएसएस स्वयंसेवियों का सहयोग भी उल्लेखनीय रहा। ग्राम कुम्हली के उपसरपंच विजय साहू, पंच यामिनी साहू, शिक्षिका ज्योति साहू, लिखेश्वरी साहू—सभी महाविद्यालय के पूर्व एनएसएस स्वयंसेवक—ने अपनी सक्रिय भागीदारी से महाविद्यालय का गौरव बढ़ाया। पहले दिन का उद्घाटन सत्र “राष्ट्र प्रथम” के नारों के साथ संपन्न हुआ। एनएसएस की छात्राएँ आमीन और ऊषा ने आकर्षक छत्तीसगढ़ी नृत्य प्रस्तुत कर सभी का दिल जीत लिया। कार्यक्रम के संचालन और स्वच्छता कार्य में मोहिनी, ऐश्वर्या, शिखा, प्रवीण, वेद, सुभाष, थानेश्वर, झमिता, प्रियंका, प्रेरणा सहित सभी स्वयंसेवकों तथा महाविद्यालय के अधिकारियों-कर्मचारियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा।