पाटन में तहसील साहू संघ का शपथ ग्रहण विवादों में—पूर्व अध्यक्ष दिनेश ने जिलाध्यक्ष पर लगाया समाज को गुमराह करने का आरोप,जिलाध्यक्ष नंदलाल बोले-जीत हार को परे रख समाजहित में सहयोग करें…

पाटन में तहसील साहू संघ का शपथ ग्रहण विवादों में—पूर्व अध्यक्ष दिनेश ने जिलाध्यक्ष पर लगाया समाज को गुमराह करने का आरोप,जिलाध्यक्ष नंदलाल बोले-जीत हार को परे रख समाजहित में सहयोग करें…

पाटन/दुर्ग। तहसील साहू संघ पाटन का शपथ ग्रहण समारोह 16 नवंबर 2025 को आयोजित किया गया, जिसमें निर्वाचित पांचों पदाधिकारियों को जिलाध्यक्ष नंदलाल साहू ने पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई। कार्यक्रम में पूर्व मंत्री ताम्रध्वज साहू, पूर्व मंत्री रमशीला साहू सहित कई सामाजिक वरिष्ठजन उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के दौरान जिला अध्यक्ष नंदलाल साहू ने अपने उद्बोधन में कहा कि निवृत्तमान तहसील अध्यक्ष दिनेश साहू और कुछ पदाधिकारियों द्वारा शपथ कार्यक्रम के विरोध में प्रदेश स्तर पर आवेदन देना दुःखद और चुनावी हार को न झेल पाने का परिणाम है।

जीत-हार को परे रखकर सभी का का सहयोग करें-नंदलाल साहू

समाज के जिलाध्यक्ष श्री साहू ने आगे कहा कि पिछले चुनाव में दिनेश साहू डेलीगेट चुनाव हारने के बावजूद समाज ने उन्हें सम्मान दिया था, लेकिन अब वे लालेश्वर साहू की भारी मतों से हुई जीत को नकार रहे हैं, जो गलत है। सामाजिक परंपरा में जीत-हार को परे रखकर सभी को सहयोग करना चाहिए और युवाओं को नेतृत्व का अवसर मिलना चाहिए।

जिलाध्यक्ष का बयान भ्रम फैलाने वाला: दिनेश साहू

नंदलाल साहू के बयान पर निवृत्तमान तहसील अध्यक्ष दिनेश साहू ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि जिलाध्यक्ष का मंचीय बयान भ्रामक और समाज को गुमराह करने वाला है। विरोध चुनाव परिणाम का नहीं, बल्कि नियमावली के उल्लंघन का है। उन्होंने स्पष्ट किया कि—वर्तमान घोषित कार्यकारिणी छत्तीसगढ़ प्रदेश साहू समाज की सामाजिक नियमावली के विपरीत बनाई गई है। नियमावली में साफ लिखा है कि निचले सदन में चुनाव हारे व्यक्ति को उच्च सदन में मनोनीत नहीं किया जाएगा। सामाजिक रूप से दोषी व्यक्ति को किसी भी पद पर नियुक्त नहीं किया जा सकता। इसके बावजूद सभी पाँचों परिक्षेत्रों में पराजित उम्मीदवारों को उच्च सदन का पदाधिकारी बनाया गया है, जो नियम उल्लंघन है। दिनेश साहू ने बताया कि इस विषय पर मार्गदर्शन हेतु प्रदेश साहू संघ रायपुर एवं जिला साहू संघ दुर्ग को पत्र भेजकर उचित कार्रवाई की मांग की गई है, लेकिन जिलाध्यक्ष बिना निर्णय के मंच से भ्रामक बातें कर रहे हैं, जो चिंताजनक है।

“हार स्वीकार है, पर नियम विरुद्ध कार्य मंजूर नहीं” — दिनेश साहू

दिनेश साहू ने कहा—“मैंने हार को स्वीकार किया है, पर समाज की नियमावली के विरुद्ध लिए गए निर्णयों का विरोध किया है। जिलाध्यक्ष को मंच से आवेदन सार्वजनिक कर सच्चाई बतानी चाहिए, न कि मेरे नाम का उपयोग कर भ्रम फैलाना चाहिए। यदि मैंने नियमावली के खिलाफ एक शब्द भी लिखा है तो मुझ पर कार्रवाई की जाए।”उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वे डेलीगेट चुनाव हारे जरूर थे, लेकिन उनकी टीम ने उन्हें पुनः अध्यक्ष पद के लिए उतारा और वे निर्वाचन प्रक्रिया से जीतकर तहसील अध्यक्ष बने थे। उन्होंने सुझाव दिया कि जिस प्रकार अन्य इकाइयों में नए पदाधिकारियों का निर्वाचन हो रहा है, उसी तरह जिला साहू संघ दुर्ग में भी नए पदाधिकारियों का चुनाव होना चाहिए।

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