दुर्ग। छत्तीसगढ़ कर्मचारी–अधिकारी फेडरेशन के प्रदेश स्तरीय आह्वान पर चल रहे आंदोलन के तहत आज दूसरे दिन भी शासकीय कार्यालयों का कामकाज पूरी तरह ठप रहा। जिले के विभिन्न विभागों के कर्मचारी कार्यालय बंद कर धरना स्थल पर उपस्थित रहे। जिला संयोजक विजय लहरे एवं संभाग प्रभारी राजेश चटर्जी ने बताया कि केंद्र व राज्य सरकार द्वारा घोषित “मोदी की गारंटी” अब तक पूरी नहीं होने से कर्मचारियों में भारी नाराजगी है। उन्होंने कहा कि लंबे समय से लंबित मांगों की अनदेखी के कारण कर्मचारियों को आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ा है। प्रदेश पेंशनर संघ के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष श्री बी.के. वर्मा ने सभा को संबोधित करते हुए पेंशनरों की समस्याओं पर प्रकाश डाला और विधायक–सांसद बनने पर मिलने वाली पेंशन का उदाहरण देते हुए कर्मचारियों व पेंशनरों के साथ समान न्याय की मांग की। वहीं राजेश चटर्जी ने अनियमित कर्मचारियों को शीघ्र नियमित करने की आवश्यकता पर जोर दिया।
सभा को संबोधित करते हुए पूर्व विधायक श्री अरुण बोरा ने कर्मचारियों के आंदोलन को जायज ठहराते हुए कहा कि सरकार को अपने किए गए वादों और गारंटियों को गंभीरता से लेकर उन्हें शीघ्र पूरा करना चाहिए। आज के धरना प्रदर्शन में कोष लेखा, प्रशिक्षण सहित विभिन्न विभागों के कर्मचारियों ने बड़ी संख्या में पहुंचकर अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। महासचिव अनुरूप साहू ने जानकारी दी कि आंदोलन के अंतिम दिन कल रैली के रूप में दोपहर 12:30 से 1:00 बजे के बीच मुख्यमंत्री के नाम 11 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन सौंपा जाएगा। इस अवसर पर भानु प्रताप यादव, जिलाध्यक्ष छत्तीसगढ़ प्रदेश तृतीय वर्ग शासकीय कर्मचारी संघ (दुर्ग) ने भी कर्मचारियों की जायज मांगों को पूरा करने की अपील की। कार्यक्रम में शिवदयाल धृतलहरे, मोतीराम खिलाड़ी, कचराबाई, पुष्पलता धृतलहरे, कांति कोशले, निर्मला रात्रे, ललित बिजौरा, चंचल द्विवेदी, महेंद्र साहू, सुरेश साहू, धर्मेंद्र देशमुख, गौरी शंकर रावण, अशोक कनेरिया सहित हजारों की संख्या में कर्मचारी उपस्थित रहे।