
पाटन। कोंटा क्षेत्र में नक्सलियों द्वारा किए गए आईईडी विस्फोट में शहीद हुए वीर पुलिस अधिकारी एएसपी आकाश राव गिरिपुंजे की प्रथम पुण्यतिथि पर मंगलवार को पाटन स्थित अनुविभागीय अधिकारी पुलिस (एसडीओपी) कार्यालय में श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। इस अवसर पर पुलिस अधिकारियों, जवानों एवं नागरिकों ने उनके चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी और उनके अदम्य साहस एवं कर्तव्यनिष्ठा को याद किया।
श्रद्धांजलि सभा में पाटन एसडीओपी अनूप लकड़ा, विभागीय कर्मचारी चंद्रभान बर्रे, उत्तम देशमुख, नीरज लिंबू सहित वरिष्ठ नागरिक रेखा देवांगन, पोषण कोसरे, मुकेश सेन एवं बड़ी संख्या में आमजन उपस्थित रहे। इस अवसर पर उपस्थित अधिकारियों और जवानों ने शहीद आकाश राव गिरिपुंजे के व्यक्तित्व और कार्यशैली को याद करते हुए कहा कि वे केवल आदेश देने वाले अधिकारी नहीं थे, बल्कि जवानों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चलने वाले नेतृत्वकर्ता थे। नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में खतरे की आशंका के बावजूद वे हमेशा सबसे आगे रहकर अपनी टीम का नेतृत्व करते थे। उनके लिए पुलिस की वर्दी महज एक नौकरी नहीं, बल्कि जनता की सुरक्षा और सेवा का संकल्प थी।
नक्सलियों की साजिश का हुए थे शिकार
गौरतलब है कि 9 जून 2025 को कोंटा थाना क्षेत्र के डोंडरा गांव के समीप स्थित गिट्टी खदान में नक्सलियों ने पोकलेन मशीन को आग के हवाले कर दहशत फैलाने का प्रयास किया था। घटना की सूचना मिलते ही एएसपी आकाश राव गिरिपुंजे अपनी टीम के साथ मौके पर रवाना हुए। लेकिन नक्सलियों ने पहले से ही घटनास्थल के आसपास आईईडी विस्फोटक बिछा रखे थे। पुलिस टीम के पहुंचते ही जोरदार विस्फोट हुआ, जिसमें एएसपी गिरिपुंजे गंभीर रूप से घायल हो गए और बाद में उन्होंने शहादत प्राप्त की।
नम हुईं साथी जवानों की आंखें
श्रद्धांजलि कार्यक्रम के दौरान उनके साथ कार्य कर चुके कई जवान भावुक नजर आए। साथियों ने बताया कि आकाश राव गिरिपुंजे हमेशा टीम का मनोबल बढ़ाते थे और कठिन परिस्थितियों में भी उनके चेहरे पर आत्मविश्वास झलकता था। वे हर चुनौती का सामना साहस और दृढ़ता से करते थे। उन्हें याद करते हुए कई जवानों की आंखें नम हो गईं।
पाटन से रहा विशेष जुड़ाव
शहीद एएसपी आकाश राव गिरिपुंजे का पाटन क्षेत्र से विशेष जुड़ाव रहा। वे लंबे समय तक पाटन में एसडीओपी के रूप में पदस्थ रहे और अपनी कार्यकुशलता, ईमानदारी तथा जनसरोकारों के प्रति संवेदनशीलता के कारण पुलिस विभाग एवं आम नागरिकों के बीच लोकप्रिय रहे। अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने कानून व्यवस्था को मजबूत करने के साथ-साथ जनता और पुलिस के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। प्रथम पुण्यतिथि पर उपस्थित लोगों ने दो मिनट का मौन रखकर शहीद अधिकारी को श्रद्धांजलि अर्पित की तथा उनके आदर्शों पर चलने का संकल्प लिया।