जामगांव आर । प्रदेश के स्कूल शिक्षा मंत्री के गृहजिले में ही शिक्षा व्यवस्था की बदहाली की तस्वीर सामने आ रही है। पाटन ब्लॉक के ग्राम पंचायत अकतई के आश्रित ग्राम चारभाठा स्थित शासकीय प्राथमिक शाला की हालत इतनी जर्जर हो चुकी है कि कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। सोमवार सुबह स्कूल भवन के बरामदे की छत से प्लास्टर का बड़ा हिस्सा अचानक गिर गया। गनीमत रही कि उस समय बच्चे मैदान में खेल रहे थे, अन्यथा बड़ी अनहोनी हो सकती थी। स्कूल के प्रधानपाठक कृष्णा साहू ने बताया कि स्कूल भवन के दोनों कमरों की छत और प्लास्टर लंबे समय से झड़ रहे हैं। इसी कारण सुरक्षा की दृष्टि से इन कमरों को बंद कर दिया गया है। वर्तमान में एक कमरे में कार्यालय के साथ पहली और दूसरी कक्षा के बच्चों को बैठाया जाता है, जबकि तीसरी से पांचवीं तक के विद्यार्थियों को गांव के सामाजिक भवन में बैठाकर पढ़ाई कराई जा रही है। ग्रामीणों के अनुसार स्कूल का पुराना भवन अब पूरी तरह खंडहर बन चुका है और बच्चों की सुरक्षा लगातार खतरे में बनी हुई है। पिछले एक वर्ष से स्कूल का संचालन ग्रामीणों के सहयोग से बने सामाजिक भवन में किया जा रहा है, जहां एक ही कमरे में पहली से पांचवीं तक के बच्चों को बैठना पड़ता है। इससे पढ़ाई का माहौल प्रभावित हो रहा है और बच्चों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
मामले में ब्लॉक शिक्षा अधिकारी और डीइओ दुर्ग से सम्पर्क करने की कोशिश की गई लेकिन खबर लिखे जाने तक दोनों अधिकारियो ने फोन रिसीव नही किया। चारभाठा के इस स्कूल की बदहाली प्रशासनिक लापरवाही और शिक्षा व्यवस्था की उपेक्षा की गंभीर तस्वीर पेश कर रही है, जहां बच्चों का भविष्य और उनकी सुरक्षा दोनों ही सवालों के घेरे में हैं।
• अधिकारियों और मंत्रियों को कई बार सौंपे जा चुके हैं ज्ञापन–
ग्रामीणों का कहना है कि वे इस समस्या को लेकर शासन-प्रशासन के हर स्तर पर गुहार लगा चुके हैं। स्कूल शिक्षा मंत्री, क्षेत्रीय सांसद, जिला कलेक्टर, जिला पंचायत और जनपद प्रतिनिधियों को कई बार ज्ञापन सौंपे गए, लेकिन अब तक नए भवन के निर्माण के लिए कोई ठोस पहल नहीं की गई है।
• ग्रामीणों का फूटा गुस्सा, आंदोलन की चेतावनी–
ग्राम पंचायत अकतई की सरपंच माधुरी नरोत्तम निषाद ने नाराजगी जताते हुए कहा कि चारभाठा के मासूम बच्चे जर्जर भवन के कारण सामाजिक भवन में पढ़ने को मजबूर हैं, लेकिन शासन-प्रशासन इस गंभीर समस्या पर आंखें मूंदे बैठा है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही नए स्कूल भवन के लिए स्वीकृति और फंड जारी नहीं किया गया, तो ग्रामीणों के साथ मिलकर उग्र आंदोलन और चक्काजाम किया जाएगा।