PM-USHA से बदल रही उच्च शिक्षा की तस्वीर: छत्तीसगढ़ के 33 जिलों तक पहुंची आधुनिक शिक्षा की नई क्रांति

स्मार्ट क्लासरूम, आधुनिक लैब और रिसर्च सुविधाओं से मजबूत हो रहा उच्च शिक्षा ढांचा-बस्तर से सरगुजा तक 5 लाख से अधिक विद्यार्थियों को मिलेगा सीधा लाभ

रायपुर, 22 जून 2026। छत्तीसगढ़ के उच्च शिक्षा क्षेत्र में प्रधानमंत्री उच्चतर शिक्षा अभियान (PM-USHA) के माध्यम से व्यापक बदलाव की शुरुआत हो चुकी है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के प्रभावी क्रियान्वयन, उच्च शिक्षण संस्थानों की गुणवत्ता में सुधार और आधुनिक अधोसंरचना के विकास के लिए केंद्र सरकार द्वारा उपलब्ध कराए गए वित्तीय सहयोग ने राज्य के शिक्षा जगत को नई दिशा दी है। इस महत्वाकांक्षी योजना से प्रदेश के दूरस्थ वनांचलों से लेकर शहरी क्षेत्रों तक उच्च शिक्षा की पहुंच और गुणवत्ता दोनों में उल्लेखनीय सुधार हो रहा है। PM-USHA योजना के तहत देशभर में 12,926.10 करोड़ रुपए का बजट निर्धारित किया गया है, जिसमें छत्तीसगढ़ को भी महत्वपूर्ण हिस्सा प्राप्त हुआ है। योजना के अंतर्गत चयनित शासकीय विश्वविद्यालयों को मल्टी-डिसिप्लिनरी एजुकेशन एंड रिसर्च यूनिवर्सिटीज (MERU) के रूप में विकसित करने के लिए 20 करोड़ से 100 करोड़ रुपए तक का अनुदान दिया जा रहा है। वहीं पात्र शासकीय महाविद्यालयों को बुनियादी ढांचे के सुदृढ़ीकरण के लिए 5 करोड़ रुपए तक की परियोजना आधारित सहायता स्वीकृत की गई है।

राज्य में इस योजना का क्रियान्वयन तेजी से आगे बढ़ रहा है। उच्च शिक्षा विभाग द्वारा केंद्र सरकार के साथ समझौता ज्ञापन निष्पादित किया जा चुका है और चयनित महाविद्यालय विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार कर रहे हैं। कई संस्थानों में स्मार्ट क्लासरूम, आधुनिक विज्ञान प्रयोगशालाएं, कंप्यूटर सेंटर और डिजिटल शिक्षण सुविधाओं के निर्माण का कार्य जारी है, जिससे विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का बेहतर वातावरण मिल सके।

PM-USHA की सबसे बड़ी विशेषता इसका समावेशी स्वरूप है। योजना का लाभ राज्य के सभी 33 जिलों को मिल रहा है। विशेष रूप से बस्तर और सरगुजा जैसे आदिवासी बहुल क्षेत्रों, कम सकल नामांकन अनुपात वाले इलाकों तथा आकांक्षी जिलों के शासकीय महाविद्यालयों को प्राथमिकता दी गई है। इससे दूरस्थ क्षेत्रों के विद्यार्थियों को भी आधुनिक शिक्षा संसाधनों का लाभ अपने क्षेत्र में ही मिल सकेगा।

इस महत्वाकांक्षी परियोजना से प्रदेश के लगभग 5 लाख से अधिक छात्र-छात्राएं प्रत्यक्ष रूप से लाभान्वित हो रहे हैं। ग्रामीण अंचलों, अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति तथा महिला विद्यार्थियों के लिए यह योजना विशेष रूप से लाभकारी साबित हो रही है। अब प्रदेश के दूर-दराज क्षेत्रों के युवाओं को उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा और अनुसंधान सुविधाओं के लिए बड़े शहरों का रुख नहीं करना पड़ेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि PM-USHA योजना केवल अधोसंरचना निर्माण तक सीमित नहीं है, बल्कि यह छत्तीसगढ़ को उच्च शिक्षा और अनुसंधान के क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। आने वाले वर्षों में यह योजना प्रदेश के युवाओं के लिए अवसरों के नए द्वार खोलेगी और उच्च शिक्षा के क्षेत्र में एक नई क्रांति का आधार बनेगी।

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