YC न्यूज़ डेस्क । प्रधानमंत्री कार्यालय का पता शुक्रवार से बदल गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नए पीएमओ कॉम्प्लेक्स ‘सेवा तीर्थ’ और कर्तव्य भवन-1 व 2 का उद्घाटन किया। अब तक प्रधानमंत्री कार्यालय साउथ ब्लॉक में संचालित होता था। उद्घाटन के अवसर पर पीएम मोदी ने कहा कि नॉर्थ ब्लॉक और साउथ ब्लॉक की इमारतें ब्रिटिश शासन की हुकूमत की प्रतीक थीं। ये भवन ब्रिटेन के महाराज की सोच को गुलाम भारत की जमीन पर उतारने का माध्यम थे। उन्होंने कहा कि देश को गुलामी की मानसिकता से बाहर निकलना जरूरी था।
‘नागरिक देवो भव’ का संदेश
प्रधानमंत्री ने सेवा तीर्थ कॉम्प्लेक्स की पट्टिका का अनावरण किया। इमारत पर ‘सेवा तीर्थ’ के नीचे ‘नागरिक देवो भव’ अंकित है। पीएम ने कहा कि शासन का केंद्र अब नागरिक है और इस भवन में लिया गया हर निर्णय 140 करोड़ लोगों के जीवन को बेहतर बनाने के लिए होना चाहिए। उन्होंने कहा कि विकसित भारत की सोच केवल योजनाओं में नहीं, बल्कि काम करने के स्थानों और इमारतों में भी झलकनी चाहिए। करीब 100 वर्ष पुरानी इमारतें जर्जर हो चुकी थीं और नई तकनीक के अनुरूप पर्याप्त नहीं थीं। कई मंत्रालय अलग-अलग 50 स्थानों से संचालित हो रहे थे, जिससे हर साल लगभग 1500 करोड़ रुपये किराए पर खर्च हो रहे थे। सभी मंत्रालय एक जगह आने से समय और धन की बचत होगी।
बदले प्रतीक, नई पहचान
पीएम मोदी ने कहा कि पहले जिसे राजपथ कहा जाता था, अब वह कर्तव्य पथ है। राष्ट्रपति भवन के मुगल गार्डन का नाम बदलकर अमृत उद्यान किया गया और पुरानी संसद को संविधान सदन कहा गया। इसे आजाद भारत की नई पहचान बताया गया।
नए PMO में लिए बड़े फैसले
नए ‘सेवा तीर्थ’ कार्यालय में प्रधानमंत्री ने महिलाओं, युवाओं और कमजोर वर्गों से जुड़े कई अहम प्रस्तावों पर हस्ताक्षर किए। पीएम राहत योजना के तहत सड़क दुर्घटना पीड़ितों को 1.5 लाख रुपये तक कैशलेस उपचार की सुविधा दी जाएगी। लखपति दीदी योजना का लक्ष्य 3 करोड़ से बढ़ाकर 6 करोड़ किया गया। कृषि अवसंरचना कोष को 1 लाख करोड़ से बढ़ाकर 2 लाख करोड़ रुपये करने की मंजूरी दी गई। 10,000 करोड़ रुपये के स्टार्टअप इंडिया फंड ऑफ फंड्स 2.0 को भी स्वीकृति दी गई।
सेवा तीर्थ कॉम्प्लेक्स की विशेषताएं
सेवा तीर्थ कॉम्प्लेक्स में तीन इमारतें हैं—सेवा तीर्थ-1 (PMO), सेवा तीर्थ-2 (कैबिनेट सचिवालय) और सेवा तीर्थ-3 (राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार का कार्यालय)।
राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल का कार्यालय भी अब यहीं संचालित होगा।
करीब 2.26 लाख वर्ग फीट क्षेत्र में बने इस कॉम्प्लेक्स का निर्माण एल एंड टी कंपनी ने 1189 करोड़ रुपये की लागत से किया है। पहले इसका नाम एग्जीक्यूटिव एन्क्लेव था, जिसे दिसंबर 2025 में बदलकर सेवा तीर्थ किया गया।
कर्तव्य भवन में कई मंत्रालय
कर्तव्य भवन-1 और 2 में वित्त, रक्षा, स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि, सूचना एवं प्रसारण, विधि एवं न्याय सहित कई मंत्रालयों को स्थान दिया गया है। यह पूरा निर्माण सेंट्रल विस्टा पुनर्विकास परियोजना के तहत किया गया है, जिसके अंतर्गत नया संसद भवन और कर्तव्य पथ भी बनाए गए हैं। पीएम मोदी ने कहा कि 2047 का विकसित भारत केवल लक्ष्य नहीं, बल्कि देश का संकल्प है। सेवा तीर्थ में सत्ता नहीं, सेवा की भावना दिखनी चाहिए। आज का संकल्प ही आने वाली पीढ़ियों का भविष्य तय करेगा।