रायपुर। छत्तीसगढ़ की सियासत एक बार फिर नेताओं के तीखे बयानों से गरमाई हुई है। मामला “एक दिन का मुख्यमंत्री” बनाने की टिप्पणी को लेकर शुरू हुआ, जो अब राजनीतिक नोकझोंक में बदल गया है। दरअसल, कांग्रेस शासनकाल में डिप्टी सीएम रहे टी.एस. सिंहदेव ने हाल ही में बिलासपुर में कहा था कि “वे कभी यह नहीं कहेंगे कि उन्हें मुख्यमंत्री बनने की इच्छा नहीं है।” सिंहदेव के इस बयान के बाद भाजपा विधायक और पूर्व मंत्री अजय चंद्राकर ने कांग्रेस पर तंज कसते हुए कहा – “उन्हें बुला लीजिए, एक दिन हम लोग विष्णुदेव साय जी की कुर्सी पर बैठाकर सम्मान करेंगे और फिर उठा लेंगे। कांग्रेस में तो उन्हें कुछ मिलने वाला नहीं है, उनका सम्मान हम कर देंगे।”
अजय चंद्राकर के इस व्यंग्यात्मक बयान के बाद अब सिंहदेव ने मुस्कुराते हुए पलटवार किया है –“उन्होंने कहा है मुझे एक दिन का सीएम बनाएंगे, तो मैं मिलूंगा उनसे। उनसे कहूंगा कि गवर्नर साहब और मुख्यमंत्री साय जी से बात कर लें — कब इस्तीफा दे रहे हैं, ताकि मैं आकर शपथ ले सकूं।”
सिंहदेव के इस जवाब के बाद सोशल मीडिया और राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है।
राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि यह बयानबाजी भले ही मजाकिया लहजे में हुई हो, लेकिन इससे यह साफ झलकता है कि सत्ता और नेतृत्व को लेकर दोनों दलों में अंदरूनी खींचतान और व्यंग्यात्मक राजनीति चरम पर है।।अजय चंद्राकर के इस तंज से जहां भाजपा के भीतर हलचल देखी जा रही है, वहीं सिंहदेव के जवाब ने कांग्रेस खेमे में नई ऊर्जा भर दी है। छत्तीसगढ़ की राजनीति में बयानबाजी के इस दौर ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि यहां “कुर्सी की राजनीति” अभी भी सबसे चर्चित विषय बना हुआ है।
“एक दिन का CM” बयान पर सियासी तकरार — अजय चंद्राकर के तंज पर सिंहदेव का पलटवार, बोले – “CM साय से पूछ लीजिए, कब इस्तीफा दे रहे हैं!”
रायपुर। छत्तीसगढ़ की सियासत एक बार फिर नेताओं के तीखे बयानों से गरमाई हुई है। मामला “एक दिन का मुख्यमंत्री” बनाने की टिप्पणी को लेकर शुरू हुआ, जो अब राजनीतिक नोकझोंक में बदल गया है। दरअसल, कांग्रेस शासनकाल में डिप्टी सीएम रहे टी.एस. सिंहदेव ने हाल ही में बिलासपुर में कहा था कि “वे कभी यह नहीं कहेंगे कि उन्हें मुख्यमंत्री बनने की इच्छा नहीं है।” सिंहदेव के इस बयान के बाद भाजपा विधायक और पूर्व मंत्री अजय चंद्राकर ने कांग्रेस पर तंज कसते हुए कहा – “उन्हें बुला लीजिए, एक दिन हम लोग विष्णुदेव साय जी की कुर्सी पर बैठाकर सम्मान करेंगे और फिर उठा लेंगे। कांग्रेस में तो उन्हें कुछ मिलने वाला नहीं है, उनका सम्मान हम कर देंगे।”
अजय चंद्राकर के इस व्यंग्यात्मक बयान के बाद अब सिंहदेव ने मुस्कुराते हुए पलटवार किया है –“उन्होंने कहा है मुझे एक दिन का सीएम बनाएंगे, तो मैं मिलूंगा उनसे। उनसे कहूंगा कि गवर्नर साहब और मुख्यमंत्री साय जी से बात कर लें — कब इस्तीफा दे रहे हैं, ताकि मैं आकर शपथ ले सकूं।”
सिंहदेव के इस जवाब के बाद सोशल मीडिया और राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है।
राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि यह बयानबाजी भले ही मजाकिया लहजे में हुई हो, लेकिन इससे यह साफ झलकता है कि सत्ता और नेतृत्व को लेकर दोनों दलों में अंदरूनी खींचतान और व्यंग्यात्मक राजनीति चरम पर है।।अजय चंद्राकर के इस तंज से जहां भाजपा के भीतर हलचल देखी जा रही है, वहीं सिंहदेव के जवाब ने कांग्रेस खेमे में नई ऊर्जा भर दी है। छत्तीसगढ़ की राजनीति में बयानबाजी के इस दौर ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि यहां “कुर्सी की राजनीति” अभी भी सबसे चर्चित विषय बना हुआ है।