सूरजपुर में सियासी संग्राम तेज : पुलिस कार्रवाई के विरोध में टीएस सिंहदेव की भूख हड़ताल की चेतावनी

सूरजपुर में सियासी संग्राम तेज : पुलिस कार्रवाई के विरोध में टीएस सिंहदेव की भूख हड़ताल की चेतावनी

विश्रामपुर थाने के सामने कांग्रेस का अनिश्चितकालीन धरना जारी, शाम 6 बजे तक कार्रवाई नहीं होने पर आंदोलन तेज करने के संकेत
सूरजपुर, 26 मई 2026। सूरजपुर जिले के विश्रामपुर में कांग्रेस और पुलिस प्रशासन के बीच टकराव अब राजनीतिक उबाल में बदलता नजर आ रहा है। पूर्व उपमुख्यमंत्री टी.एस. सिंहदेव ने पुलिस प्रशासन पर पक्षपातपूर्ण रवैया अपनाने का आरोप लगाते हुए साफ चेतावनी दी है कि यदि शाम 6 बजे तक उनकी मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई, तो वे भूख हड़ताल पर बैठ जाएंगे। सिंहदेव के इस ऐलान के बाद प्रदेश की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। दरअसल, नगर पंचायत चुनाव के दौरान हुए विवाद में सूरजपुर जिला कांग्रेस उपाध्यक्ष नरेंद्र जैन के खिलाफ विश्रामपुर पुलिस ने आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज किया था। कांग्रेस इस कार्रवाई को राजनीतिक द्वेष से प्रेरित बताते हुए प्रकरण को निरस्त करने की मांग कर रही है। इसी मांग को लेकर सोमवार से कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं का धरना प्रदर्शन जारी है।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज के नेतृत्व में बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी 25 मई को विश्रामपुर थाने पहुंचे थे। आरोप है कि पुलिस प्रशासन ने उनकी मांगों पर कोई ध्यान नहीं दिया, जिसके बाद कांग्रेस ने थाने के सामने ही अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया। कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि भाजपा कार्यकर्ताओं द्वारा नरेंद्र जैन के घर जाकर विवाद किए जाने के बावजूद पुलिस ने उनकी शिकायतों पर कोई एफआईआर दर्ज नहीं की। इसे लेकर कांग्रेस लगातार प्रशासन पर एकतरफा कार्रवाई का आरोप लगा रही है।

सूत्रों के मुताबिक, सोमवार देर रात करीब ढाई बजे तक टी.एस. सिंहदेव धरना स्थल पर मौजूद रहे और कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ाते रहे। मंगलवार सुबह से भी वे दीपक बैज के साथ आंदोलन में डटे हुए हैं। धरना स्थल पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं की भीड़ लगातार बढ़ती जा रही है। टी.एस. सिंहदेव ने कहा कि वे हर मंगलवार सूर्यास्त तक उपवास रखते हैं और यदि तब तक प्रशासन की ओर से कोई सकारात्मक पहल नहीं हुई, तो उनका यह उपवास अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल में बदल जाएगा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ अन्याय किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अब पूरे मामले पर प्रदेश की नजर टिकी हुई है। यदि शाम तक कोई समाधान नहीं निकलता, तो यह आंदोलन और अधिक उग्र रूप ले सकता है, जिससे प्रदेश की राजनीति में नया सियासी भूचाल खड़ा होने की संभावना जताई जा रही है।

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