जामगांव आर। दक्षिण पाटन क्षेत्र के नवागांव बी और सुरपा में 28 फरवरी को प्रस्तावित विकास कार्यों के भूमिपूजन कार्यक्रम ने राजनीतिक माहौल गरमा दिया है। कार्यक्रम में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के मुख्य आतिथ्य को लेकर कांग्रेस खेमे में जहां उत्साह है, वहीं भाजपा समर्थित जनप्रतिनिधियों की कथित अनदेखी ने विवाद को तूल दे दिया है।
जिला पंचायत सभापति कल्पना नारद साहू ने कांग्रेस पर सीधा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि क्षेत्र के जिला पंचायत सदस्य एवं जनपद सदस्य को कार्यक्रम में आमंत्रित नहीं किया गया, जो स्पष्ट रूप से प्रोटोकॉल का उल्लंघन है। उन्होंने कहा कि चुने हुए प्रतिनिधियों को दरकिनार करना लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत है।
श्रीमती साहू ने इसे महिला नेतृत्व को दबाने की मानसिकता करार देते हुए कहा कि एक महिला जिला पंचायत सदस्य की उपेक्षा केवल राजनीतिक विरोध नहीं, बल्कि महिला सम्मान पर आघात है। उन्होंने कहा, “जब महिला जनप्रतिनिधियों को मंच से दूर रखा जाता है, तो यह साफ संकेत है कि राजनीतिक भेदभाव के साथ-साथ महिला नेतृत्व को भी हाशिये पर डालने की कोशिश हो रही है। भाजपा समर्थित होने के कारण हमें जानबूझकर निशाना बनाया जा रहा है।”
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि प्रोटोकॉल की अनदेखी जारी रही तो इस मुद्दे को व्यापक स्तर पर उठाया जाएगा। इधर, इस बयान के बाद क्षेत्रीय राजनीति में हलचल तेज हो गई है और कांग्रेस-भाजपा के बीच जुबानी जंग के और तेज होने के संकेत मिल रहे हैं।