रायपुर | महिला आरक्षण बिल को लेकर प्रदेश की राजनीति एक बार फिर गरमा गई है। पूर्व विधायक विकास उपाध्याय ने भाजपा सांसदों को पत्र लिखकर उनसे “रामचरितमानस और संविधान की कसम” खाकर जनता के सामने सच्चाई रखने की मांग की है। उपाध्याय ने अपने पत्र में कहा कि 20 सितंबर 2023 को लोकसभा में महिला आरक्षण बिल सर्वसम्मति से पारित हुआ था, जिसमें पक्ष और विपक्ष दोनों ने समर्थन दिया था। इसके बावजूद भाजपा द्वारा यह प्रचार किया जा रहा है कि कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों ने इसका विरोध किया था, जो भ्रामक है। इस मुद्दे को लेकर उपाध्याय के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने रायपुर स्थित डॉ. भीमराव आंबेडकर चौक (कलेक्ट्रेट परिसर) के सामने प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान भाजपा पर महिला विरोधी होने के आरोप लगाए गए और जमकर नारेबाजी की गई।
पूर्व विधायक ने छत्तीसगढ़ के वर्तमान और पूर्व भाजपा सांसदों को लिखे पत्र में उनसे आग्रह किया कि वे जनता के बीच स्पष्ट करें कि महिला आरक्षण बिल पहले ही सर्वसम्मति से पारित हो चुका है। साथ ही उन्होंने प्रधानमंत्री से आग्रह करने की बात भी कही कि मौजूदा 543 लोकसभा सीटों में 33 प्रतिशत महिला आरक्षण तत्काल लागू किया जाए। उपाध्याय ने यह भी बताया कि उन्होंने उप मुख्यमंत्री एवं पूर्व सांसद अरुण साव से मुलाकात के लिए समय मांगा था, लेकिन उन्हें समय नहीं मिल सका। वहीं रायपुर दक्षिण के विधायक सुनील सोनी से मिलने उनके निवास पहुंचे, पर वहां भी मुलाकात नहीं हो पाई। इसके अलावा उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा महिला आरक्षण को परिसीमन के माध्यम से लागू करने की कोशिश कर रही थी, जिसका विपक्ष ने विरोध किया। उपाध्याय ने कहा कि कांग्रेस लंबे समय से महिला आरक्षण की मांग करती रही है और इस संबंध में सोनिया गांधी तथा राहुल गांधी भी पहले प्रधानमंत्री को पत्र लिख चुके हैं।