रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार आम जनता को बिजली बिल में बड़ी राहत देने की तैयारी में है। सरकार हाफ बिजली बिल योजना के दायरे को 100 यूनिट से बढ़ाकर 200 यूनिट करने पर विचार कर रही है। प्रस्ताव पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने संकेत दिए हैं। निर्णय लागू होने पर प्रदेश के लगभग 14 लाख घरेलू उपभोक्ताओं को सीधा लाभ मिल सकता है। सूत्रों के अनुसार, बिजली विभाग ने योजना को लेकर फाइल तैयार कर CM सचिवालय भेज दी है। मंजूरी मिलने के बाद इसे मंत्रिमंडल बैठक में पेश किया जाएगा। योजना लागू होते ही घरेलू उपभोक्ताओं का मासिक बिल लगभग 420 से 435 रुपये तक कम होने की संभावना है।
◆ 1 अगस्त 2025 के बदलाव से बढ़ा था भार–
बता दें कि 1 मार्च 2019 को शुरू हुई हाफ बिजली बिल योजना में 4 महीने पहले बड़ा बदलाव किया गया था। भूपेश सरकार के समय लागू 400 यूनिट तक हाफ बिल की सुविधा को घटाकर 100 यूनिट कर दिया गया था। इस फैसले के बाद लाखों परिवारों के बिल लगभग दोगुने हो गए थे, जिसके खिलाफ उपभोक्ताओं ने कई जिलों में विरोध-प्रदर्शन भी किए थे।
◆ कैसे मिलेगा फायदा ? उदाहरण से समझें
यदि कोई परिवार हर महीने 200 यूनिट बिजली उपयोग करता है-विवरण वर्तमान बिल (₹)प्रस्तावित बिल (₹)पहले 100 यूनिट₹410–₹450₹205–₹225दूसरे 100 यूनिट₹840–₹870हाफ होकर योजना में शामिलकुल राहत—₹420–₹435 की सीधी बचत
यानी जो उपभोक्ता पहले 1,250–1,300 रुपये तक का बिल देते थे, उनका बिल घटकर 800–850 रुपये के बीच आ सकता है।
◆ सरकार पर बढ़ेगा सब्सिडी का भार–
योजना लागू होने से राज्य सरकार पर सैकड़ों करोड़ रुपये की अतिरिक्त सब्सिडी देनी पड़ेगी। हालांकि, आर्थिक जानकारों का मानना है कि इससे गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों पर बिजली बिल का दबाव कम होगा और भुगतान की नियमितता भी बढ़ेगी।
◆ क्यों बढ़ाई जा रही सीमा?
योजना में कटौती के बाद कांग्रेस और विभिन्न संगठनों ने इसके खिलाफ प्रदर्शन किए थे। ग्रामीण और छोटे परिवारों पर इसका आर्थिक असर अधिक दिखा। सरकार ने समीक्षा के बाद माना कि सीमित खपत वाले उपभोक्ताओं को राहत देना आवश्यक है।
◆ अगले कदम
प्रस्ताव को अंतिम रूप मिलते ही CM की मंजूरी
फिर मंत्रिमंडल बैठक में पेश किया जाएगा
संभावना है कि दिसंबर से बढ़ी हुई सीमा लागू हो सकती है