दुर्ग। जिले में 2027 की जनगणना को लेकर जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। एसआईआर के अंतिम प्रकाशन के बाद अब पहले चरण के तहत 1 से 30 मई के बीच जिले के प्रत्येक मकान और भवन का सूचीकरण किया जाएगा। इस दौरान प्रगणक घर-घर जाकर 33 सवालों के माध्यम से परिवार और मकान से जुड़ी विस्तृत जानकारी जुटाएंगे। प्रशासन के अनुसार इस बार की जनगणना में परिवार की गणना चूल्हे और निकासी द्वार के आधार पर भी की जाएगी। यानी किसी मकान में जितने अलग-अलग चूल्हे होंगे, उतने ही परिवार दर्ज किए जाएंगे। यदि एक ही मकान में 50 लोग रहते हों लेकिन चूल्हा एक ही हो, तो परिवार की संख्या एक मानी जाएगी। कलेक्टर अभिजीत सिंह ने बताया कि जनगणना के प्रथम चरण के लिए प्रशासन को विस्तृत कैलेंडर जारी किया गया है। इसी के अनुसार मकान सूचीकरण और गणना से जुड़े सभी कार्य तय समय सीमा में पूरे किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि इस बार जनगणना के जरिए लोगों की जीवन शैली, आवासीय स्थिति और सामाजिक-आर्थिक परिस्थितियों का व्यापक डेटा एकत्र किया जाएगा।
प्रशिक्षण और तैयारी का शेड्यूल तय
जनगणना कार्य को सुचारू रूप से संपन्न कराने के लिए अधिकारियों और कर्मचारियों का प्रशिक्षण भी शुरू किया जा रहा है। जिला अधिकारियों, चार्ज अधिकारियों, जनगणना लिपिकों और तकनीकी सहायकों का एक दिवसीय प्रशिक्षण 13 से 19 मार्च के बीच आयोजित किया जाएगा। मकान सूचीकरण ब्लॉक (एचएलबी) का गठन और एचएलबीसी वेब मैपिंग एप्लीकेशन के जरिए इन ब्लॉकों की पहचान 17 से 31 मार्च के बीच की जाएगी। इसके बाद फील्ड ट्रेनर्स का तीन दिवसीय प्रशिक्षण 23 से 29 मार्च तक जिला स्तर पर आयोजित होगा। सभी प्रगणकों और पर्यवेक्षकों का प्रशिक्षण 8 से 24 अप्रैल के बीच चार्ज स्तर पर कराया जाएगा। वहीं मकान सूचीकरण और मकानों की गणना के लिए स्व-गणना की प्रक्रिया 16 से 30 अप्रैल के बीच पूरी की जाएगी।
घर की बनावट से सुविधाओं तक दर्ज होगी जानकारी
जनगणना के दौरान सिर्फ लोगों की संख्या ही नहीं, बल्कि मकान की संरचना और सुविधाओं से जुड़ी जानकारी भी दर्ज की जाएगी। इसमें घर की फर्श मिट्टी की है या टाइल्स व ग्रेनाइट की, दीवार और छत किस सामग्री की बनी है, घर में कितने कमरे हैं और कितने विवाहित दंपति रहते हैं जैसी जानकारी शामिल होगी। इसके अलावा पानी, बिजली, शौचालय, रसोई, गैस कनेक्शन, ईंधन और अपशिष्ट निकासी जैसी सुविधाओं का भी विवरण लिया जाएगा। फील्ड कार्य पूरा होने के बाद नजरी नक्शा और अन्य सामग्री 1 से 30 जून के बीच प्रगणक और पर्यवेक्षक द्वारा चार्ज अधिकारियों को सौंप दी जाएगी।
जिला प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे जनगणना कार्य में पूरा सहयोग दें, ताकि जिले की सामाजिक और आर्थिक स्थिति का सटीक आंकड़ा तैयार किया जा सके।