
दुर्ग। प्रधान जिला एवं सत्र न्यायालय, दुर्ग में 12 सितंबर को राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया जाएगा। आम लोगों को त्वरित, सुलभ और निःशुल्क न्याय उपलब्ध कराने तथा न्यायालयों में लंबित प्रकरणों का आपसी सहमति और सौहार्दपूर्ण तरीके से निराकरण करने के उद्देश्य से आयोजित इस लोक अदालत को लेकर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने तैयारियां तेज कर दी हैं। प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश एवं अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, दुर्ग के. विनोद कुजूर के मार्गदर्शन में आयोजन को अधिकाधिक सफल बनाने के लिए विभिन्न स्तरों पर आवश्यक कार्यवाही की जा रही है।
प्रकरणों की प्री-सिटिंग शुरू
राष्ट्रीय लोक अदालत में अधिक से अधिक मामलों का प्रभावी निराकरण सुनिश्चित करने के लिए संबंधित प्रकरणों में प्री-सिटिंग की कार्यवाही शुरू कर दी गई है। इसके तहत पक्षकारों से चर्चा कर विवाद के मूल कारणों को समझा जा रहा है और आपसी सहमति से समाधान की संभावनाएं तलाश की जा रही हैं। पक्षकारों को लोक अदालत के माध्यम से विवाद का शांतिपूर्ण एवं त्वरित समाधान प्राप्त करने के लिए भी प्रेरित किया जा रहा है। प्री-सिटिंग का उद्देश्य अदालत में सुनवाई के दौरान आपसी सहमति से मामलों के निराकरण की संभावनाओं को अधिक मजबूत करना है।
विभागों और न्यायिक संस्थाओं से समन्वय
लोक अदालत को व्यापक और परिणामोन्मुखी बनाने के लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा जिले के विभिन्न संबंधित विभागों, न्यायालयों, विधिक सहायता तंत्र और अन्य हितधारकों के साथ लगातार समन्वय किया जा रहा है। संबंधित विभागों से लंबित प्रकरणों की जानकारी प्राप्त कर पात्र मामलों को चिन्हांकित किया जा रहा है। इसके साथ ही अधिक से अधिक मामलों को राष्ट्रीय लोक अदालत के माध्यम से निराकृत कराने के लिए आवश्यक प्रक्रिया पूरी की जा रही है।
आपसी सहमति से विवादों का समाधान
राष्ट्रीय लोक अदालत का प्रमुख उद्देश्य पक्षकारों के बीच आपसी सहमति के आधार पर विवादों का समाधान कराना है। इससे न केवल पक्षकारों को त्वरित और सरल न्याय प्राप्त होता है, बल्कि लंबे समय से लंबित मामलों के निराकरण से न्यायालयों पर लंबित प्रकरणों का बोझ कम करने में भी मदद मिलती है। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने राष्ट्रीय लोक अदालत को सफल बनाने के लिए संबंधित पक्षकारों और विभागों से सक्रिय सहयोग की अपेक्षा की है।