
रायपुर, 11 अगस्त 2026। छत्तीसगढ़ में संभावित बाढ़ आपदा से निपटने के लिए राज्य सरकार ने तैयारियां तेज कर दी हैं। आपदा के दौरान राहत एवं बचाव कार्यों को प्रभावी बनाने और विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय सुनिश्चित करने के लिए 18 अगस्त को राज्य स्तरीय टेबल-टॉप एक्सरसाइज और 20 अगस्त को व्यापक मॉक ड्रिल आयोजित की जाएगी। राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA) की ओर से आयोजित राज्य स्तरीय उच्चस्तरीय कॉन्फ्रेंस में बाढ़ आपदा से निपटने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। बैठक में राज्य की आपदा प्रबंधन क्षमताओं, संसाधनों और अंतर-विभागीय समन्वय की समीक्षा की गई।
शून्य देरी से राहत-बचाव पर जोर
राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की सचिव श्रीमती शम्मी आबिदी ने जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरणों के अधिकारियों को टेबल-टॉप एक्सरसाइज से जुड़ी प्रक्रियाओं और मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) को गंभीरता से समझने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि वास्तविक आपदा की स्थिति में राहत एवं बचाव कार्यों में किसी भी तरह की देरी नहीं होनी चाहिए। इसके लिए पहले से तैयारियों का परीक्षण और विभागों के बीच समन्वय बेहद जरूरी है। टेबल-टॉप एक्सरसाइज और मॉक ड्रिल के माध्यम से संभावित कमियों की पहचान कर उन्हें समय रहते दूर किया जा सकेगा।
स्वास्थ्य से लेकर जल संसाधन तक विभागों की भूमिका तय
कॉन्फ्रेंस में बाढ़ के दौरान विभिन्न विभागों द्वारा की जाने वाली त्वरित कार्रवाई को लेकर विस्तृत चर्चा की गई। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, लोक निर्माण, जल संसाधन, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी (PHE) और पशुपालन विभाग की भूमिका और जिम्मेदारियों की समीक्षा की गई। आपदा के दौरान प्रभावित लोगों तक चिकित्सा सुविधा, पेयजल, सड़क एवं परिवहन व्यवस्था, बचाव कार्य और पशुधन की सुरक्षा जैसी आवश्यक सेवाएं समय पर पहुंचाने की कार्ययोजना पर भी चर्चा हुई।
कई विभागों के वरिष्ठ अधिकारी हुए शामिल
राज्य स्तरीय कॉन्फ्रेंस में नगर सेना, अग्निशमन, नागरिक सुरक्षा, पुलिस मुख्यालय, रायपुर रेल मंडल (DRM), स्वामी विवेकानंद एयरपोर्ट के निदेशक, दूरसंचार, विज्ञान केंद्र और औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा विभाग सहित पंचायत, ऊर्जा, परिवहन और खाद्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। प्रदेश के सभी जिलों के नोडल अधिकारी भी ऑनलाइन माध्यम से कॉन्फ्रेंस से जुड़े रहे।
18 और 20 अगस्त को होगा तैयारियों का परीक्षण
बैठक में तय कार्यक्रम के अनुसार 18 अगस्त को टेबल-टॉप एक्सरसाइज आयोजित होगी। इसमें अधिकारियों और संबंधित विभागों को काल्पनिक आपदा परिदृश्य के आधार पर निर्णय लेने और राहत-बचाव की रणनीति तैयार करने का अभ्यास कराया जाएगा। इसके बाद 20 अगस्त को मॉक ड्रिल आयोजित कर वास्तविक आपदा जैसी परिस्थितियों में राज्य की तैयारियों, संसाधनों और विभागीय समन्वय का जमीनी स्तर पर परीक्षण किया जाएगा। प्रशासन का उद्देश्य संभावित बाढ़ की स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया, प्रभावी समन्वय और न्यूनतम समय में राहत-बचाव कार्य सुनिश्चित करना है।