राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ शताब्दी वर्ष में करेगा देशव्यापी हिंदू सम्मेलन, दिल्ली में होंगे दो हजार से अधिक कार्यक्रम

सरसंघचालक मोहन भागवत देंगे विज्ञान भवन में विशेष त्रिदिवसीय संबोधन

YC न्यूज़ डेस्क। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) अपने स्थापना के शताब्दी वर्ष को ऐतिहासिक और व्यापक जनजागरण के रूप में मनाने की तैयारी में है। संघ इस अवसर पर देशभर में व्यापक स्तर पर “हिंदू सम्मेलन” आयोजित करेगा, जिनका उद्देश्य हिन्दू समाज के विभिन्न वर्गों, जातियों और समुदायों को एक मंच पर लाकर सामाजिक समरसता और एकता को सशक्त करना है।

आरएसएस दिल्ली प्रांत के वरिष्ठ पदाधिकारी अनिल गुप्ता ने शुक्रवार को एक आयोजन के दौरान बताया कि संघ अपने इस अभियान के तहत दिल्ली में ही करीब 2,000 से अधिक कार्यक्रम आयोजित करेगा। इन कार्यक्रमों में कॉलोनियों से लेकर दलित बस्तियों तक संघ के स्वयंसेवक पहुंचकर स्थानीय नागरिकों से संवाद करेंगे, उनकी समस्याओं और विचारों को जानने का प्रयास करेंगे।

त्रिदिवसीय विशेष संबोधन देंगे मोहन भागवत

शताब्दी वर्ष के अंतर्गत सरसंघचालक श्री मोहन भागवत दिल्ली के विज्ञान भवन में त्रिदिवसीय विशेष संबोधन देंगे। यह आयोजन विजयादशमी से प्रारंभ होने वाले शताब्दी वर्ष के प्रमुख कार्यक्रमों में शामिल होगा।
बताया गया कि 2018 में भी श्री भागवत ने इसी तरह तीन दिवसीय विचार मंथन किया था, जिसने राष्ट्रीय स्तर पर व्यापक चर्चा उत्पन्न की थी।

देशभर में ब्लॉक स्तर तक पहुंचने का लक्ष्य

आरएसएस का उद्देश्य इस वर्ष देश के प्रत्येक राज्य में ब्लॉक स्तर तक अपनी पहुंच स्थापित करना है। इसके तहत न केवल बड़े शहरों में, बल्कि गांवों और कस्बों में भी हिंदू एकता सम्मेलनों का आयोजन किया जाएगा।
संघ की ताकत उसकी शाखा प्रणाली को माना जाता है, और इसी को विस्तार देने हेतु शताब्दी वर्ष में एक लाख से अधिक शाखाएं स्थापित करने का लक्ष्य भी निर्धारित किया गया है।

सामाजिक संवाद के माध्यम से सुदृढ़ होगा संगठन

अनिल गुप्ता ने कहा कि इस अभियान के माध्यम से संघ उन वर्गों तक भी पहुंचेगा जो अब तक इससे सीधे नहीं जुड़े थे। युवाओं, विद्यार्थियों, उद्यमियों, महिलाओं और मजदूरों से लेकर साधारण गृहस्थ तक — सभी को इस संवाद अभियान में शामिल किया जाएगा।

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