रायपुर। छत्तीसगढ़ प्रदेश शिक्षक फेडरेशन ने प्राचार्य पदोन्नति हेतु पात्र रहे सेवानिवृत्त प्रधानपाठकों एवं व्याख्याताओं को काल्पनिक पदोन्नति आदेश जारी करने की मांग की है। इस संबंध में फेडरेशन ने शिक्षा सचिव श्री सिद्धार्थ कोमल परदेसी को ई-मेल प्रेषित किया है।फेडरेशन के प्रांताध्यक्ष राजेश चटर्जी, राकेश चन्द्र साहू, दुर्ग जिला अध्यक्ष देवेंद कुमार बंछोर, प्रांतीय सचिव कुबेर देशमुख, कोषाध्यक्ष राजेन्द्र कुमार चंद्राकर, संभाग अध्यक्ष डॉ. बसंत कुमार दास, देशबन्धु शर्मा एवं कृष्ण कुमार धुरंधर ने संयुक्त रूप से बताया कि–मार्च/अप्रैल 2025 में पात्र व्याख्याताओं एवं प्रधानपाठकों की प्राचार्य पद पर पदोन्नति हेतु विभागीय पदोन्नति समिति (डीपीसी) की बैठक हुई थी। इसके बाद 30 अप्रैल 2025 को टी-संवर्ग में 1335 तथा ई-संवर्ग में 1478 पदोन्नति आदेश जारी किए गए। किंतु, विभागीय प्रक्रिया में विलंब के चलते 29 अगस्त 2025 को जारी पदस्थापना आदेश से 30 अप्रैल से 31 जुलाई 2025 तक सेवानिवृत्त हुए शिक्षकों के नाम हटा दिए गए।
फेडरेशन का कहना है कि कार्य नहीं वेतन नहीं के सिद्धांत पर इन सेवानिवृत्त व्याख्याताओं और प्रधानपाठकों को काल्पनिक पदोन्नति आदेश दिया जाना चाहिए, ताकि उन्हें पेंशन एवं ग्रेच्युटी में आर्थिक लाभ मिल सके।फेडरेशन ने उदाहरण देते हुए बताया कि 6 अक्टूबर 2018 को जारी आदेश में 171 व्याख्याताओं/प्रधानपाठकों को इसी सिद्धांत पर काल्पनिक पदोन्नति दी गई थी, जिससे उन्हें वास्तविक पद का लाभ न मिलने के बावजूद पेंशन व अन्य सुविधाओं में आर्थिक लाभ प्राप्त हुआ था।फेडरेशन ने शिक्षा मंत्री श्री गजेन्द्र यादव से मांग की है कि इस बार भी प्राचार्य पद पर पदोन्नति से वंचित हुए पात्र सेवानिवृत्त शिक्षकों को काल्पनिक पदोन्नति दी जाए।