रायपुर। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कहा कि भारत आज दुनिया की शीर्ष 5 अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है और वैश्विक चुनौतियों के बीच भी मजबूती से आगे बढ़ रहा है। वे नवा रायपुर स्थित भारतीय प्रबंधन संस्थान रायपुर के 15वें वार्षिक दीक्षांत समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। समारोह में उन्होंने विद्यार्थियों को डिग्री और मेडल प्रदान किए तथा मैनेजमेंट, लीडरशिप और करियर से जुड़े महत्वपूर्ण सुझाव दिए। उन्होंने कहा कि दीक्षांत समारोह केवल उपलब्धि का दिन नहीं, बल्कि आत्ममंथन का अवसर भी है, क्योंकि छात्र ऐसे समय में आगे बढ़ रहे हैं जब भारत “विकसित भारत” के लक्ष्य की ओर तेजी से अग्रसर है।
जयशंकर ने कहा कि राष्ट्र निर्माण एक जटिल प्रक्रिया है, जिसकी असली ताकत मजबूत और गतिशील कारोबार से आती है। उन्होंने पिछले दशक में भारत की तेज विकास दर का उल्लेख करते हुए कहा कि कोविड महामारी, अंतरराष्ट्रीय संघर्ष और जलवायु परिवर्तन जैसी चुनौतियों के बावजूद देश ने अपनी स्थिति मजबूत बनाए रखी है। वैश्विक परिदृश्य पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि दुनिया तेजी से बदल रही है और देशों के बीच शक्ति संतुलन भी बदल रहा है। तकनीक, ऊर्जा और संसाधनों को लेकर प्रतिस्पर्धा बढ़ी है, ऐसे में जोखिम कम करने और नए विकल्प तलाशने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि भारत में आशावाद का माहौल है, जो दुनिया के कई हिस्सों में नहीं दिखता। आत्मनिर्भर भारत” पर जोर देते हुए विदेश मंत्री ने कहा कि खाद्य, स्वास्थ्य, ऊर्जा और राष्ट्रीय सुरक्षा के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता जरूरी है। साथ ही, जहां आवश्यक हो वहां भरोसेमंद वैश्विक साझेदारी भी महत्वपूर्ण है। उन्होंने देश में बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर, डिजिटल क्रांति और सुशासन को विकास की प्रमुख ताकत बताया।
विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए जयशंकर ने कहा कि आज के दौर में कारोबार के लिए वैश्विक समझ जरूरी है। अलग-अलग देशों और संस्कृतियों की जानकारी से करियर के अवसर बढ़ते हैं। उन्होंने युवाओं से वैश्विक घटनाओं में रुचि लेने और खुद को लगातार अपडेट रखने की अपील की। अपने अनुभव साझा करते हुए उन्होंने कहा कि कठिन परिस्थितियों में सही निर्णय लेना ही असली परीक्षा होती है। “इंडिया फर्स्ट” की सोच को अपनाने से निर्णय की दिशा स्पष्ट रहती है। उन्होंने प्रतिस्पर्धा, आत्म-सुधार और जिम्मेदारी को सफलता का आधार बताया। समारोह के दौरान विदेश मंत्री का रायपुर एयरपोर्ट पर स्वागत राज्य के शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने किया। विदेश मंत्री के इस संबोधन ने युवाओं को न केवल करियर बल्कि राष्ट्र निर्माण में अपनी भूमिका को लेकर भी प्रेरित किया।