
प्रशिक्षण शिविरों का किया बचाव, राम मंदिर दान मामले की निष्पक्ष जांच की मांग; केंद्रीय एजेंसियों के दुरुपयोग और भाजपा के दोहरे मापदंड पर भी उठाए सवाल
रायपुर। छत्तीसगढ़ कांग्रेस के प्रभारी और वरिष्ठ नेता सचिन पायलट ने रायपुर प्रवास के दौरान भाजपा पर कई मुद्दों को लेकर तीखा हमला बोला। रायपुर एयरपोर्ट पर मीडिया से चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि कांग्रेस के प्रशिक्षण शिविरों पर सवाल उठाने के बजाय भाजपा को अपनी सरकार और संगठन के भीतर चल रही खींचतान पर ध्यान देना चाहिए।
सचिन पायलट ने कहा कि कांग्रेस 135 वर्ष पुरानी राजनीतिक पार्टी है और संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत बनाने के उद्देश्य से नए जिला अध्यक्षों, पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं के लिए 10 दिवसीय प्रशिक्षण शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि इन शिविरों में राजनीतिक, सामाजिक और जनहित के मुद्दों पर चर्चा के साथ-साथ जनता के बीच पार्टी की रणनीति प्रभावी ढंग से पहुंचाने का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार ने जनता से कई वादे किए थे, लेकिन उन्हें पूरा नहीं किया। कांग्रेस इन मुद्दों को लेकर जनता के बीच जाएगी और सरकार से जवाब मांगेगी।
राम मंदिर दान मामले की जांच की मांग
राम मंदिर निर्माण के लिए मिले चंदे में कथित अनियमितताओं के आरोपों पर सचिन पायलट ने निष्पक्ष जांच की मांग की। उन्होंने कहा कि यदि किसी भी स्तर पर वित्तीय गड़बड़ी हुई है तो दोषियों के खिलाफ निष्पक्ष कार्रवाई होनी चाहिए, चाहे वह किसी भी दल से जुड़े हों। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा आरोपों पर जवाब देने के बजाय चुप्पी साध लेती है।
केंद्रीय एजेंसियों के दुरुपयोग का आरोप
पायलट ने केंद्र सरकार पर सीबीआई और ईडी जैसी केंद्रीय एजेंसियों के दुरुपयोग का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में संवैधानिक संस्थाओं की निष्पक्षता और विश्वसनीयता बनाए रखना आवश्यक है तथा राजनीतिक विरोध के लिए इन संस्थाओं का इस्तेमाल नहीं होना चाहिए।
मध्य प्रदेश सरकार पर भी निशाना
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव और उनके परिजनों के नाम कथित भूमि खरीद मामले का उल्लेख करते हुए पायलट ने कहा कि भाजपा भ्रष्टाचार के मामलों में दोहरे मापदंड अपनाती है। उन्होंने कहा कि जो पार्टी पारदर्शिता और ईमानदारी की बात करती है, उसे अपने नेताओं पर लगे आरोपों पर भी स्पष्ट जवाब देना चाहिए।