रानीतराई। पाटन ब्लॉक ग्राम भनसुली (के) में संत अभिलाष साहेब, कबीर सत्संग समिति एवं ग्रामवासियों के तत्वावधान में त्रिदिवसीय कबीर सत्संग समारोह का आयोजन श्रद्धा और भक्ति भाव के साथ किया जा रहा है। कार्यक्रम के द्वितीय दिवस बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने सत्संग का रसपान किया। इस अवसर पर जिला पंचायत सदस्य देवेंद्र चंद्रवंशी, पूर्व जिला पंचायत उपाध्यक्ष अशोक साहू तथा जनपद सदस्य दिनेश साहू विशेष रूप से उपस्थित रहे। समारोह का शुभारंभ भजन-कीर्तन और संत वचनों के साथ हुआ। मुख्य वक्ता परम श्रद्धेय साध्वी ज्योति साहेब (सदगुरु कबीर आश्रम, सुढालिया जिला राजगढ़, म.प्र.) एवं विशेष वक्ता साध्वी श्रद्धा साहेब (कबीर आश्रम भनसुली) व्यासपीठ पर विराजमान रहीं।
साध्वी ज्योति साहेब ने अपने प्रवचन में कहा कि संत कबीर दास का संदेश आज भी उतना ही प्रासंगिक है जितना पहले था। उन्होंने कहा, “संत मिलन को जाइये तजि माया अभिमान, ज्यों-ज्यों पग आगे धरे कोटिन यज्ञ समान।” मानव जीवन सौभाग्य से प्राप्त होता है, इसलिए इसे सत्संग और सदाचार से सार्थक बनाना चाहिए। उन्होंने कहा कि चिता मृत शरीर को जलाती है, जबकि चिंता जीवित व्यक्ति को जलाती है। सत्संग जीवन जीने की कला सिखाता है और व्यक्ति को व्यवहार तथा परमार्थ का ज्ञान प्रदान करता है। उन्होंने बेटियों को दो कुलों का मान बढ़ाने वाली बताते हुए समाज में सम्मान, स्वाभिमान और विनम्रता बनाए रखने का संदेश दिया। क्रोध, अहंकार और मद को त्यागकर विवेक एवं चेतना से जीवन जीने की प्रेरणा दी।
विशेष वक्ता साध्वी श्रद्धा साहेब ने कहा कि भजन-भाव में मन लगाकर साधना करनी चाहिए। अच्छे सपने अवश्य देखें और उन्हें साकार करने का प्रयास करें। उन्होंने नशापान से दूर रहकर सत्संग का लाभ उठाने का आह्वान किया।
पूर्व जिला पंचायत उपाध्यक्ष अशोक साहू ने संतों, साध्वियों, अतिथियों एवं कबीर प्रेमियों का स्वागत करते हुए कहा कि ऐसे आयोजनों से समाज में आध्यात्मिक चेतना और सामाजिक समरसता बढ़ती है। जिला पंचायत सदस्य देवेंद्र चंद्रवंशी ने भी सत्संग के महत्व पर प्रकाश डालते हुए आयोजन की सराहना की।