भनसूली (के) में धूमधाम से मनाया गया संत कबीर प्राकट्य महोत्सव, उमड़ा श्रद्धालुओं का जनसैलाब ! महंत माखन साहेब बोले -संत कबीर पूर्ण परमात्मा के संदेशवाहक हैं

भनसूली (के) में धूमधाम से मनाया गया संत कबीर प्राकट्य महोत्सव, उमड़ा श्रद्धालुओं का जनसैलाब ! महंत माखन साहेब बोले -संत कबीर पूर्ण परमात्मा के संदेशवाहक हैं

रानीतराई। कबीर सत्संग समिति एवं ग्रामवासियों के संयुक्त तत्वावधान में ग्राम भनसूली (के) में संत शिरोमणि कबीरदास साहेब की 628वीं प्राकट्य जयंती श्रद्धा, भक्ति और उत्साह के साथ मनाई गई। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में कबीर पंथी अनुयायी एवं श्रद्धालु शामिल हुए। महोत्सव में मुख्य वक्ता के रूप में कबीर आश्रम दामाखेड़ा के परम श्रद्धेय महंत श्री माखन लाल साहेब उपस्थित रहे। वहीं विशेष वक्ता के रूप में खिलावन दास साहेब (मानिकचौरी-सेलुद), दीपक साहेब एवं ताम्रध्वज साहेब (करसा-घुघवा), कबीर ट्रस्ट समिति दामाखेड़ा के उपाध्यक्ष प्रमोद साहेब, विधायक प्रतिनिधि अशोक साहू, जनपद सदस्य दिनेश साहू सहित अनेक जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।

कार्यक्रम की शुरुआत गुरु महिमा पाठ, ध्वजारोहण एवं दीप प्रज्ज्वलन से हुई। इसके पश्चात सत्संग, भजन एवं आध्यात्मिक प्रवचन का आयोजन किया गया। अंत में भोजन भंडारा और चौका आरती के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ। अपने उद्बोधन में महंत माखन साहेब ने कहा कि संत कबीर स्वयं पूर्ण परमात्मा के संदेशवाहक बनकर इस धरती पर अवतरित हुए और उन्होंने मानवता को तत्वज्ञान का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि पवित्र वेद, कुरान, बाइबल और गुरु ग्रंथ साहिब भी इस सत्य के साक्षी हैं।

महंत माखन साहेब ने संत कबीर के प्राकट्य प्रसंग का उल्लेख करते हुए बताया कि विक्रम संवत 1455 (वर्ष 1398) में ज्येष्ठ पूर्णिमा के दिन काशी के लहरतारा तालाब में कमल पुष्प पर संत कबीर का प्राकट्य हुआ था। इस दिव्य घटना के साक्षी स्वामी रामानंद के शिष्य ऋषि अष्टानंद बने थे, जिन्होंने आकाश से उतरते दिव्य प्रकाश को कमल पुष्प पर सिमटते हुए देखा था। कार्यक्रम का सफल संचालन धनंजय साहू ने किया, जबकि आभार प्रदर्शन समिति के संरक्षक पूरन साहू ने किया। आयोजन में समिति अध्यक्ष किशोर साहू सहित बड़ी संख्या में सामाजिक कार्यकर्ता, जनप्रतिनिधि और कबीर पंथी श्रद्धालु उपस्थित रहे। पूरे आयोजन में भक्ति, आध्यात्मिकता और सामाजिक समरसता का वातावरण देखने को मिला।

इस अवसर पर समिति के अध्यक्ष किशोर साहू,महेश साहू,के के साहू,कमलेश साहू,महेंद्र हिरवानी,गैंदलाल डहरिया,बिसहत निर्मल,डा हेमंत साहू,कमलेश साहू,धनंजय साहू,गंगा साहू,बिसौहा बढ़ाई,मंगल निर्मल,भुवन बढ़ाई,लक्ष्मीनारायण साहू,उमाशंकर,मिलन सेन, फेकून तारक,गरीब दास साहू,खिलावन साहू,श्यामलाल साहू, मिलउ यादव,पंचराम साहू,शीतल दास साहू,पतिराम साहू,केवल दास मानिकपुरी,दशरथ रावत,नूतन साहू,जगदीश साहू,ईश्वर साहू,गुहलेद यादव,रामकुमार साहू,सतीश साहू,तारा साहू,दुलारी साहू, कचरी साहू, बाहरीन साहू,बसंत साहू,नंद साहू,रामा साहू,सतीश साहू,प्रीतम साहू सहित कबीर पंथी भारी संख्या में उपस्थित रहे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *