भिलाई। छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में राज्य का दूसरा सैनिक स्कूल खोलने की पहल तेज हो गई है। सांसद विजय बघेल ने नई दिल्ली में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से मुलाकात कर दुर्ग में सैनिक स्कूल की स्थापना की अनुमति प्रदान करने का आग्रह किया। वर्तमान में राज्य में अंबिकापुर में एकमात्र सैनिक स्कूल संचालित है। सांसद बघेल ने रक्षा मंत्री को अवगत कराया कि दुर्ग में सैनिक स्कूल खुलने से बस्तर संभाग सहित जगदलपुर, दंतेवाड़ा, बीजापुर, सुकमा, नारायणपुर, कांकेर, बालोद और धमतरी जैसे जिलों के प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को अपने क्षेत्र के समीप ही उच्च स्तरीय सैन्य शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिलेगा। इससे विद्यार्थियों में अनुशासन, नेतृत्व क्षमता और राष्ट्र सेवा की भावना को प्रोत्साहन मिलेगा। उन्होंने कहा कि यह संस्थान विशेष रूप से अनुसूचित जाति, जनजाति, पिछड़े वर्ग सहित सभी वर्गों के विद्यार्थियों के लिए भारतीय सेना, राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (एनडीए) और अन्य रक्षा सेवाओं में प्रवेश का सशक्त माध्यम बनेगा। सैनिक स्कूल की स्थापना से क्षेत्र की शिक्षा व्यवस्था को नई दिशा और पहचान मिलेगी।सांसद बघेल ने विश्वास जताया कि केंद्र सरकार इस प्रस्ताव पर सकारात्मक निर्णय लेगी और दुर्ग में सैनिक स्कूल की स्थापना का मार्ग प्रशस्त होगा।
• शिक्षा व्यवस्था को मिलेगी नई पहचान–
यदि दुर्ग में सैनिक स्कूल की स्थापना होती है तो यह न केवल सैन्य करियर के इच्छुक विद्यार्थियों के लिए लाभकारी होगा, बल्कि पूरे क्षेत्र की शिक्षा व्यवस्था को नई दिशा देगा। स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी सृजित होंगे और छत्तीसगढ़ की पहचान राष्ट्रीय स्तर पर और मजबूत होगी। अब केंद्र सरकार के निर्णय का इंतजार है। क्षेत्रवासियों और जनप्रतिनिधियों को उम्मीद है कि प्रस्ताव पर शीघ्र सकारात्मक पहल होगी और दुर्ग में सैनिक स्कूल का सपना साकार होगा।